भाजपा का ‘हर घर तिरंगा’ अभियान: 13 से 15 अगस्त तक 50 लाख जगहों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ में भाजपा ने इस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को भव्य रूप देने की योजना बनाई है। पार्टी ने 13 से 15 अगस्त के बीच प्रदेशभर में 50 लाख घरों और प्रतिष्ठानों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए सभी बूथों पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मंगलवार को रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में प्रदेश भाजपा कार्यालय में एक अहम बैठक हुई, जिसमें राष्ट्रीय महामंत्री और अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक सुनील बंसल ने कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 25 लाख घरों में तिरंगा फहराया गया था, जबकि इस बार संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य है। बैठक में बताया गया कि अभियान को सफल बनाने के लिए जिला, मंडल और बूथ स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर भी चर्चा की जाएगी। इस कार्यक्रम में युवा मोर्चा और महिला मोर्चा की विशेष भागीदारी सुनिश्चित की गई है, साथ ही समाज के सभी वर्गों को जोड़ने की योजना है। सम्मान और सहभागिता पर जोर प्रत्येक मंडल में युद्ध में शहीद हुए सैनिकों और पुलिसकर्मियों के परिवारजनों को सम्मानित किया जाएगा। ‘मोर तिरंगा – मोर अभिमान’ कार्यक्रम के तहत भी शहीदों के परिजनों को विशेष रूप से सम्मान दिया जाएगा। प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव ने बैठक का संचालन किया। इसमें शिवरतन शर्मा, नीलू शर्मा, हर्षिता पांडेय, विश्वविजय सिंह तोमर और दीपेश अरोरा जैसे वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियां देशभक्ति और चेतना का प्रसार राष्ट्रीय समन्वयक सुनील बंसल ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से भारत की वैश्विक पहचान और मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से युवाओं और महिलाओं में देशभक्ति की चेतना जगाना है। साथ ही, स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों की मूर्तियों के आसपास स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। नेताओं की प्रतिक्रियाएं “50 लाख स्थानों पर तिरंगा फहराकर समाज में फैली गुलामी की मानसिकता और कुरीतियों को खत्म करना है। देशभक्ति की भावना को जगाना है।”— अजय जम्वाल, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री “छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी राज्य बनाना है। अभियान के तहत शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा।”— पवन साय, प्रदेश संगठन महामंत्री यह अभियान न केवल देशभक्ति की भावना को मजबूत करेगा, बल्कि लोगों को स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों की याद भी दिलाएगा।

