NDPS मामलों में सख्ती: रायपुर कोर्ट ने तीन दोषियों को सुनाई कड़ी सजा, कैप्सूल तस्करों को 10-10 साल जेल
नशीले पदार्थों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए रायपुर की विशेष अदालत ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज दो अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। ट्रामाडोल कैप्सूल की अवैध तस्करी के मामले में दो आरोपियों को 10-10 वर्ष की सश्रम कैद दी गई है, जबकि 7 किलो से अधिक गांजा रखने के दोषी एक युवक को 7 साल की सजा सुनाई गई है। मामला-1: ट्रामाडोल कैप्सूल बेचते पकड़े गए दो आरोपी विशेष लोक अभियोजक के.के. चंद्राकर के अनुसार, 19 अक्टूबर 2022 को थाना टिकरापारा क्षेत्र में सहायक उपनिरीक्षक विजय नेताम को सूचना मिली थी कि हनुमान नगर, पुराने धमतरी रोड पर दो युवक नशीली कैप्सूल की बिक्री के लिए खड़े हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने स्वतंत्र गवाहों के साथ मौके पर दबिश दी और घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ में उनकी पहचान एहसान खान उर्फ एहसान और सरफराज खान उर्फ शाहरुख के रूप में हुई। तलाशी के दौरान दोनों के पास से काले रंग के बैग में रखे ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए गए। प्रत्येक आरोपी के कब्जे से 144-144 कैप्सूल मिले। आरोपियों के पास न तो किसी तरह का लाइसेंस था और न ही डॉक्टर का कोई वैध पर्चा। पुलिस ने मौके पर ही कैप्सूल को सील कर जब्त किया और एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। जांच पूरी होने और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए 10-10 साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई। मामला-2: 7.206 किलो गांजा के साथ युवक गिरफ्तार दूसरा मामला थाना सरस्वती नगर क्षेत्र से जुड़ा है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने परशुराम चौक, कोटा स्टेडियम के सामने रेड कार्रवाई की। यहां एक संदिग्ध युवक को रोका गया, जिसने अपना नाम भार्गव तांडी उर्फ चीकू तांडी बताया। एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के तहत प्रक्रिया का पालन करते हुए तलाशी ली गई। आरोपी की मोटरसाइकिल से खाकी पॉलीथिन में पैक गांजा बरामद हुआ, जिसका कुल वजन 7.206 किलोग्राम पाया गया। मौके पर ही सैंपलिंग और सीलिंग की गई। एफएसएल रायपुर की रिपोर्ट में गांजा होने की पुष्टि के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 7 वर्ष की सश्रम कैद की सजा सुनाई।

