रायपुर: शहर के किसी भी मंदिर से नहीं लिया जाएगा संपत्तिकर, ब्राम्हणपारा मंदिर में नोटिस देने वाले कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई
रायपुर नगर निगम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब शहर के किसी भी मंदिर से संपत्तिकर (प्रॉपर्टी टैक्स) नहीं लिया जाएगा। महापौर मीनल चौबे ने शुक्रवार को बयान जारी करते हुए कहा कि निगम क्षेत्र के सभी जोन और वार्डों में स्थित मंदिरों पर प्रॉपर्टी टैक्स लागू नहीं होगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थान समाज की आस्था के केंद्र हैं और उन पर कर लगाना उचित नहीं है। इसके बावजूद जोन-4 के अंतर्गत ब्राम्हणपारा वार्ड क्रमांक 43 स्थित सोहागा मंदिर में निगम कर्मचारियों द्वारा संपत्तिकर का नोटिस देने का मामला सामने आया। इस घटना के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया और महापौर ने संबंधित कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। निगम ने इस मामले में मोहर्रिर सुशात और अमर नामक दो कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों से तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है कि उन्होंने नियमों के विपरीत जाकर मंदिर को संपत्तिकर का नोटिस क्यों दिया। महापौर मीनल चौबे ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए नाराजगी जताई और कहा कि भविष्य में यदि ऐसी गलती दोहराई गई तो संबंधित कर्मचारियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी जोन आयुक्तों और राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी धार्मिक स्थल — चाहे वह मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या चर्च हो — को टैक्स नोटिस जारी न किया जाए। महापौर ने यह भी कहा कि निगम प्रशासन जनता की आस्था का सम्मान करता है और धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति होती है, तो तुरंत नगर निगम को सूचित करें ताकि तत्काल कार्रवाई की जा सके।

