रायपुर नगर निगम में 2.23 करोड़ के टैंकर टेंडर पर विवाद: नेता प्रतिपक्ष ने लगाया घोटाले और मिलीभगत का आरोप

राजधानी रायपुर में गर्मी के दौरान पानी सप्लाई के लिए जारी किए गए टैंकर टेंडर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष Akash Tiwari ने टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी और अधिकारियों-ठेकेदारों की मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कई वर्षों से कुछ चुनिंदा फर्मों को ही लगातार काम दिया जा रहा है। आकाश तिवारी ने कहा कि नगर निगम हर साल वार्डों में पानी सप्लाई के लिए टैंकर टेंडर जारी करता है, लेकिन प्रक्रिया में पारदर्शिता दिखाई नहीं देती। उनका आरोप है कि पिछले वर्ष जिन छह फर्मों को टेंडर मिला था, इस बार भी उन्हीं कंपनियों को काम सौंपा गया है। नेता प्रतिपक्ष ने जिन फर्मों का नाम लिया उनमें मेसर्स केशव प्रसाद पांडे, प्रज्ञा कंस्ट्रक्शन, परिमल कश्यप, अरविंद सिंह ठाकुर, प्रवीण दीक्षित और रफीक अहमद शामिल हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि हर साल यही फर्में कैसे चयनित हो जाती हैं। तिवारी ने आरोप लगाया कि निविदा की शर्तें भी ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के हिसाब से तय की जाती हैं। उन्होंने कहा कि सभी निविदा दाताओं के रेट और तारीखों का एक जैसा होना संदेह पैदा करता है। उन्होंने दावा किया कि पिछले साल लगभग 1 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया था, लेकिन बाद में टैंकर संचालन के नाम पर करीब 2.06 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। उनका कहना है कि टेंडर राशि कम रखी जाती है और बाद में भुगतान बढ़ा दिया जाता है, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े होते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने टैंकरों में GPS सिस्टम नहीं लगाए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि बिना GPS मॉनिटरिंग के यह पता लगाना मुश्किल है कि टैंकरों ने वास्तव में कहां और कितनी पानी सप्लाई की। आकाश तिवारी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत साबित होती है तो सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है।

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