रायपुर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन बंद, भुगतान विवाद के बीच रामकी कंपनी ने रोका काम
छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। शहर के कई इलाकों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन बंद होने से लोग परेशान नजर आए। सुबह से कई मोहल्लों में लोग घरों के बाहर कचरे के डस्टबिन लेकर गाड़ियों का इंतजार करते रहे, लेकिन कचरा उठाने वाली गाड़ियां नहीं पहुंचीं। जानकारी के मुताबिक, शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रही DSW Ramky ने काम अस्थायी रूप से रोक दिया है। कंपनी का आरोप है कि Raipur Municipal Corporation की ओर से मार्च 2025 से अब तक करीब 78 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया गया है। कंपनी का कहना है कि लगातार बढ़ते खर्च और अधूरे भुगतान के कारण संचालन करना मुश्किल हो गया है। इधर, कंपनी के ड्राइवर भी वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग की जा रही थी, लेकिन इस पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। इसी वजह से काम बंद करने का निर्णय लिया गया। रायपुर और नवा रायपुर क्षेत्र से हर दिन लगभग 750 टन कचरा निकलता है, जिसे संकरी स्थित प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाया जाता है। इस पूरी व्यवस्था में सैकड़ों वाहन और बड़ी संख्या में कर्मचारी लगे हुए हैं। कंपनी के अनुसार फिलहाल 269 वाहन और करीब 800 कर्मचारी इस काम में जुड़े हैं। सफाई व्यवस्था बाधित होने से नगर निगम के सामने नई चुनौती खड़ी हो सकती है। यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो शहर में कचरे का ढेर लगने का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही पुराने डंपिंग यार्ड के लगभग भर जाने से कचरा निपटान की समस्या और गंभीर हो सकती है। बताया जा रहा है कि रामकी कंपनी वर्ष 2018 से PPP मॉडल के तहत शहर की सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्था संभाल रही है। नगर निगम और कंपनी के बीच 15 वर्षों का अनुबंध है। हालांकि फिलहाल भुगतान और संचालन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है। इस मामले में Meenal Choubey ने कहा है कि कंपनी अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है और जल्द ही समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन सेवा जल्द दोबारा शुरू कर दी जाएगी।
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