पागल कुत्ते के काटने से फैला रैबीज: डेढ़ माह बाद महिला की मौत, जड़ी-बूटी से इलाज बना जानलेवा

छत्तीसगढ़ के Balrampur जिले में रैबीज से एक 34 वर्षीय महिला की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ माह पहले उसे पागल कुत्ते ने काट लिया था, लेकिन परिवार ने अस्पताल ले जाने के बजाय जड़ी-बूटी से उपचार कराया और एंटी-रैबीज टीका नहीं लगवाया। जानकारी के अनुसार महिला अपने पति के साथ जंगल में लकड़ी लेने गई थी, तभी कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। घाव भरने के बाद परिजन निश्चिंत हो गए, लेकिन कुछ समय बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। 16 मार्च को हालत गंभीर होने पर उसे पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और फिर Ambikapur मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि मौत रैबीज संक्रमण के कारण हुई। दो दिनों के भीतर रैबीज से यह दूसरी और करीब डेढ़ माह में तीसरी मौत बताई जा रही है। इससे पहले जिले के एक अन्य व्यक्ति की भी रैबीज से जान जा चुकी है, जिसे महीनों पहले कुत्ते ने काटा था और उसने भी टीका नहीं लगवाया था। वहीं सरगुजा क्षेत्र में एक युवक की मौत उस समय हुई थी जब उसे टीके की कुछ खुराक मिल चुकी थी। लक्षण देर से भी आ सकते हैं ⚠️ विशेषज्ञों के अनुसार रैबीज संक्रमित जानवर के काटने से फैलता है और यदि समय पर एंटी-रैबीज इंजेक्शन न लगाया जाए तो महीनों बाद भी इसके लक्षण दिखाई दे सकते हैं। एक बार लक्षण शुरू होने पर रोग लगभग लाइलाज हो जाता है और मरीज की जान बचाना बेहद कठिन होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी जानवर के काटने पर तुरंत अस्पताल जाकर टीकाकरण कराएं और घरेलू या पारंपरिक इलाज पर निर्भर न रहें। 🏥

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