पंडरी बाजार में फिर लौटा जाम का संकट: सील खुलते ही सड़कों पर खड़ी गाड़ियां, पार्किंग व्यवस्था का वादा अधूरा
शर्तों के साथ खुलीं 19 दुकानें, लेकिन सड़क पर ही पार्किंग से बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था; नियम तोड़ने पर दोबारा कार्रवाई की चेतावनी राजधानी के सबसे व्यस्त कपड़ा बाजार पंडरी में एक बार फिर ट्रैफिक जाम की पुरानी समस्या लौट आई है। मुख्य सड़क की ओर खुलने वाली 19 दुकानों की सील हटते ही ग्राहकों की गाड़ियां फिर सड़क पर खड़ी होने लगी हैं, जबकि सील हटाने की प्रमुख शर्त यह थी कि दुकानदार अपने ग्राहकों के लिए अलग से पार्किंग की व्यवस्था करेंगे। (विस्तार से) पंडरी कपड़ा बाजार की मुख्य सड़क से लगी 19 दुकानों में अवैध रूप से लगाए गए शटर को हटाने के बाद नगर निगम ने इन्हें शर्तों के साथ खोला था, लेकिन दुकानें खुलते ही स्थिति पहले जैसी हो गई है। ग्राहक अब फिर से अपनी गाड़ियां सीधे दुकानों के सामने मुख्य सड़क पर खड़ी कर रहे हैं, जिससे पूरे दिन ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। यह मार्ग देवेंद्रनगर, फाफाडीह सहित आसपास की कई कॉलोनियों को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है, जहां प्रतिदिन लगभग 50 हजार से अधिक लोग आवाजाही करते हैं। पीक आवर्स में यहां वाहन रेंगते हुए नजर आते हैं। थोक बाजार के रूप में हुआ था विकास पंडरी कपड़ा मार्केट को आरडीए ने 1980 के दशक में थोक बाजार के रूप में विकसित किया था। उस समय स्वीकृत नक्शे के अनुसार दुकानों के दरवाजे अंदर की ओर खुलते थे और पूरा बाजार कवर संरचना में था। लेकिन वर्ष 2000 के बाद मुख्य सड़क से लगी दुकानों के कारोबारियों ने पीछे की दीवार तोड़कर सड़क की ओर शटर लगा लिए और वहीं से दुकान संचालित करना शुरू कर दिया। इसके कारण ग्राहक सड़क पर ही वाहन खड़ा करने लगे और मुख्य मार्ग संकरा हो गया। शपथ पत्र के बावजूद नियमों का उल्लंघन पहले हुई कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने लिखित शपथ पत्र दिया था कि मुख्य सड़क की ओर केवल शो-केस लगाए जाएंगे और वहां से दुकान संचालित नहीं होगी। इसके बावजूद दुकानदार इस शर्त का पालन नहीं कर रहे हैं और सड़क की ओर से ही व्यापार जारी है। 3 जून 2025 को सील, 10 महीने बाद खुलीं दुकानें लगातार शिकायतों के बाद नगर निगम ने 3 जून 2025 को इन 19 दुकानों को सील कर दिया था। लगभग 10 महीनों तक सड़क की ओर के दरवाजे बंद रहे। इसके बाद व्यापारी जनप्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों की मदद से सील हटवाने के प्रयास करते रहे। 12 मार्च को महापौर, विधायक और निगम आयुक्त की मौजूदगी में बैठक हुई, जिसमें दुकानदारों ने अपने ग्राहकों के लिए पार्किंग की व्यवस्था करने पर सहमति दी। इसी आधार पर अगले दिन दुकानों की सील हटा दी गई। जनप्रतिनिधियों के बयान सहमति के आधार पर खोली गई दुकानें विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि पार्किंग व्यवस्था को लेकर दुकानदारों से सहमति बनने के बाद ही दुकानें खोली गई हैं। यदि शर्तों का पालन नहीं होता है तो निगम दोबारा कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है। नियमों का उल्लंघन हुआ तो फिर होगी कार्रवाई महापौर मीनल चौबे ने स्पष्ट कहा कि सील हटाने के साथ यह शर्त रखी गई थी कि सड़क पर जाम नहीं लगने दिया जाएगा। यदि शर्तों का उल्लंघन होता है तो नगर निगम फिर से सख्त कार्रवाई करेगा। निष्कर्ष पंडरी बाजार की दुकानों से सील हटाने के बाद ट्रैफिक व्यवस्था फिर से बिगड़ती दिखाई दे रही है। यदि जल्द पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गई तो हजारों लोगों को रोजाना जाम की समस्या से जूझना पड़ेगा और प्रशासन को दोबारा कठोर कदम उठाने पड़ सकते हैं।

