School Principal Controversy

आरटीई छात्रों से स्कूल में पुताई और मजदूरी कराने का आरोप, कलेक्टर से शिकायत

सूरजपुर जिले के तिलसिवां स्थित मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत पढ़ने वाले बच्चों से श्रम कार्य कराए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने गरीब छात्रों से परिसर में पुताई और निर्माण संबंधी काम करवाया। इस संबंध में अभिभावकों ने कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। बच्चों से कराए गए श्रम कार्य का आरोप अभिभावकों द्वारा दी गई शिकायत में कहा गया है कि आरटीई के अंतर्गत अध्ययनरत छात्रों से सीमेंट और रेत ढोने के साथ-साथ कक्षाओं की पुताई जैसे काम करवाए गए। परिजनों का आरोप है कि काम करने से मना करने पर बच्चों को स्कूल से निकालने और ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) देने की धमकी दी गई। परिजनों का कहना है कि जब वे इस मामले में चर्चा करने स्कूल पहुंचे तो प्राचार्य ने उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया। शिकायत के मुताबिक, उन्हें यह कहा गया कि उनके बच्चों को बैग, किताबें और अन्य सुविधाएं मुफ्त मिल रही हैं, इसलिए वे सवाल न उठाएं। कक्षा को आवास के रूप में उपयोग करने का भी आरोप शिकायत में यह भी उल्लेख है कि प्राचार्य एक कक्षा का उपयोग अपने पति के साथ रहने के लिए कर रही हैं। अभिभावकों ने बच्चों के काम करते हुए फोटो और वीडियो साक्ष्य के रूप में प्रशासन को सौंपे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। तीन सदस्यीय जांच समिति गठित जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में सहायक संचालक योजना लता बेक को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि बीईओ सूरजपुर हरेंद्र सिंह और सेजेस जयनगर की प्राचार्य पुष्पा राय को सदस्य नियुक्त किया गया है। समिति को सात दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राचार्य ने आरोपों से किया इनकार स्कूल की प्राचार्य विधु शर्मा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि शिकायत द्वेषवश की गई है और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही है। प्रशासन अब जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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9 माह की गर्भवती शिक्षिका से मारपीट का आरोप: प्राचार्य पर थप्पड़ और पेट में मुक्का मारने की शिकायत अंबिकापुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम बसकेपी स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां कार्यरत एक 9 माह की गर्भवती शिक्षिका ने स्कूल के प्राचार्य पर थप्पड़ मारने और पेट में मुक्का मारने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित शिक्षिका ने इस घटना की लिखित शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से करते हुए प्राचार्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठनों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। छुट्टी को लेकर हुआ विवाद शिक्षिका अनिमा लकड़ा के अनुसार, बलरामपुर जिले में पड़ रही अत्यधिक ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा छुट्टी घोषित की गई थी। इसी के तहत उन्होंने 6 जनवरी को ऑनलाइन माध्यम से अवकाश लिया था। अगले दिन 7 जनवरी को वह समय से पहले, सुबह 10 बजे से पूर्व स्कूल पहुंच गईं, इसके बावजूद प्राचार्य ने उन्हें उपस्थिति रजिस्टर में अनुपस्थित दर्ज कर दिया। जब शिक्षिका ने इसका कारण पूछा तो प्राचार्य मंगना राम ने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी और फिर उनके साथ मारपीट की। शिक्षिका का आरोप है कि प्राचार्य ने उन्हें थप्पड़ मारे और पेट में भी मुक्का मारा, जबकि वह गर्भावस्था की अंतिम अवस्था में हैं। शिक्षक संघ का विरोध, निलंबन की मांग घटना की जानकारी सामने आते ही छत्तीसगढ़ टीचर एसोसिएशन ने मामले की कड़ी निंदा की है। संघ ने इसे महिला और गर्भवती शिक्षिका के सम्मान के खिलाफ बताते हुए प्राचार्य के तत्काल निलंबन की मांग की है। जिला शिक्षा अधिकारी ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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