कांकेर में आदिवासी रीति का दबदबा: दामाद के घर 500 लोगों ने डेरा डालकर 2 लाख और मुर्गा-बकरा भात की मांग की

कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक अनोखी घटना सामने आई है। आदिवासी समाज की परंपरा के तहत एक युवक ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले की युवती से प्रेम विवाह किया, जिसके बाद युवती के गांव के लोग दामाद के घर पहुंच गए और 500 लोगों ने डेरा डाल दिया। उनका कहना है कि समाज की परंपरा के अनुसार, अगर किसी आदिवासी लड़की का विवाह दूसरे समाज के युवक से होता है, तो दामाद को बकरा-मुर्गा भात और अन्य सामग्री दंड स्वरूप देना आवश्यक होता है। युवती के परिजन और गांव के लोग शुक्रवार (10 अक्टूबर) को ग्राम पंचायत विष्णुपुर पीवी 101 पहुंचे। उन्होंने अपने साथ बोरिया-बिस्तर और राशन भी लाए। उनका कहना था कि शादी पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन परंपरा के अनुसार लड़के पक्ष को मुर्गा-बकरा भात खिलाना और लगभग 2 लाख रुपये का सामान देना अनिवार्य है। लड़के के परिवार ने फिलहाल 30 हजार रुपये देने का प्रस्ताव रखा, जिसके कारण मामला अभी सुलझ नहीं पाया। पृष्ठभूमि:युवक प्रभाष विश्वास (26) ने 2022 में कोर्ट मैरिज के माध्यम से महाराष्ट्र की युवती अलीशा पोटामी (25) से शादी की थी। यह विवाह युवती के परिजनों को बिना जानकारी के हुआ। शादी के बाद युवती पढ़ाई के लिए महाराष्ट्र में नर्सिंग की पढ़ाई करने लगी। पढ़ाई पूरी होने के बाद 10 दिन पहले वह युवक के घर पहुंची। युवती के घर नहीं आने पर महाराष्ट्र के कसनसूर थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। युवती ने अपने बयान में कहा कि यह विवाह उसकी अपनी इच्छा से हुआ है और वह युवक के साथ रहना चाहती है। युवती बालिग होने के कारण पुलिस ने मामले को यहीं समाप्त कर दिया। सुरक्षा और प्रशासन:समाज के लोगों के आने के बाद युवक और युवती को सुरक्षा के मद्देनजर गांव से बाहर ले जाया गया। सरपंच ने युवती के परिजन और समाज के लोगों के लिए स्कूल में रहने की व्यवस्था की है। बांदे थाना प्रभारी मनीष नेताम ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच अभी बैठक चल रही है और किसी तरह की शिकायत पुलिस तक नहीं आई है। समाज प्रमुखों का कहना है कि शादी पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन आदिवासी रीति के अनुसार दंड देना जरूरी है। जब तक यह पूरा नहीं किया जाता, लोग गांव में डेरा जमाए रहेंगे।

कांकेर में आदिवासी रीति का दबदबा: दामाद के घर 500 लोगों ने डेरा डालकर 2 लाख और मुर्गा-बकरा भात की मांग की Read Post »

Chhattisgarh