सड़क सुरक्षा माह में मंत्री की बिना हेलमेट बाइक सवारी, सोशल मीडिया पर उठा सवाल—क्या नियम सिर्फ आम जनता के लिए?

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में इन दिनों सड़क सुरक्षा माह के तहत ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर सख्ती बरती जा रही है। पुलिस और प्रशासन लगातार अभियान चलाकर आम लोगों को हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने की सलाह दे रहे हैं। इसी बीच स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसने पूरे अभियान की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, शुक्रवार को मंत्री गजेंद्र यादव बिना हेलमेट बाइक चलाते नजर आए। हैरानी की बात यह है कि उन्होंने खुद इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। वीडियो में न केवल मंत्री, बल्कि उनके साथ चल रहे अन्य लोग भी बिना हेलमेट दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब जिले में बिना हेलमेट वाहन चलाने पर आम नागरिकों के चालान काटे जा रहे हैं और पेट्रोल पंपों पर भी बिना हेलमेट दोपहिया चालकों को ईंधन नहीं दिया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। यूजर्स ने सवाल उठाया कि जब आम जनता पर ट्रैफिक नियम सख्ती से लागू किए जा रहे हैं, तो मंत्री और जनप्रतिनिधि इन नियमों से ऊपर कैसे हो सकते हैं। कई यूजर्स ने तंज कसते हुए लिखा कि हेलमेट पहनेंगे तो “बाहुबली का मुखड़ा” कैसे दिखेगा। वहीं, कुछ ने यह भी पूछा कि क्या अब मंत्री का चालान होगा या कानून सिर्फ आम लोगों के लिए ही है। दुर्ग पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। जहां आम लोगों के चालान तुरंत काटे जा रहे हैं, वहीं मंत्री के मामले में पुलिस की चुप्पी लोगों को खटक रही है। वीडियो ने यह बहस छेड़ दी है कि सड़क सुरक्षा जैसे गंभीर विषय पर उदाहरण पेश करने की जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों की भी होती है। अब सवाल यह है कि क्या इस मामले में कार्रवाई होगी या सड़क सुरक्षा के नियम एक बार फिर दोहरे मापदंड का शिकार बनेंगे।

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Bhilai / Durg, Chhattisgarh