Rescue Operation

रायपुर में हाईवोल्टेज ड्रामा: 35 फीट ऊंचे होर्डिंग पर चढ़ी युवती, 40 मिनट तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शंकर नगर इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवती अचानक सड़क किनारे लगे लगभग 35 फीट ऊंचे होर्डिंग पर चढ़ गई। घटना खम्हारडीह थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। युवती काफी देर तक ऊंचाई पर होर्डिंग पर बैठी रही, जिससे मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। युवती को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए लंबी सीढ़ी लगाई गई, साथ ही नीचे सुरक्षा के लिए जाली भी बिछाई गई। करीब 40 मिनट तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस बल ने भीड़ को नियंत्रित कर स्थिति को संभाला। स्थानीय लोगों की मदद से युवती को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया, जिसके बाद उसे थाने ले जाया गया और पूछताछ शुरू की गई। शुरुआती जांच में युवती मानसिक रूप से अस्थिर नजर आई है, हालांकि उसने किसी विवाद या परेशानी से इनकार किया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि युवती होर्डिंग पर क्यों चढ़ी थी।

रायपुर में हाईवोल्टेज ड्रामा: 35 फीट ऊंचे होर्डिंग पर चढ़ी युवती, 40 मिनट तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन Read Post »

Raipur, Top News

रायपुर में 7 नाबालिग बाल मजदूरों का रेस्क्यू, फैक्ट्रियों में कराया जा रहा था खतरनाक काम; चार संस्थानों पर केस दर्ज

राजधानी रायपुर के औद्योगिक क्षेत्रों में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और एनजीओ की संयुक्त टीम ने 7 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया है। ये बच्चे उरला, सिलतरा और खमतराई इलाके की फैक्ट्रियों और प्रतिष्ठानों में काम करने को मजबूर थे। जानकारी के अनुसार, इन बच्चों से भारी मशीनों और खतरनाक रसायनों के बीच मजदूरी कराई जा रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एसोसिएशन फॉर वॉलंट्री एक्शन छत्तीसगढ़ (AVA) और पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। छापे के दौरान उरला क्षेत्र से 3 और खमतराई से 4 नाबालिगों को रेस्क्यू किया गया। ये बच्चे उद्योगों और बेकरी में वेल्डिंग, लोडिंग और पैकिंग जैसे कठिन कार्य कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान जिन संस्थानों पर रेड हुई उनमें सोनी प्लाईवुड इंडस्ट्री, शैमरॉक ओवरशिष प्राइवेट लिमिटेड, इंद्राक्षी पाली प्लास्टर एलएलपी प्लांट और सन लॉजिस्टिक एंड डिस्ट्रीब्यूटर शामिल हैं। पुलिस ने इन कंपनियों के संचालकों और ठेकेदारों के खिलाफ बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराया गया और बाद में उन्हें बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया गया। फिलहाल बच्चों को सुरक्षित बाल गृह भेजा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग की जा रही है और उनके परिवारों से संपर्क करने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि रायपुर को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। गौरतलब है कि इससे पहले भी खरोरा स्थित एक मशरूम फैक्ट्री से बड़ी संख्या में बाल मजदूरों को मुक्त कराया गया था। उस मामले में 100 से अधिक बच्चों को बचाया गया था, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

रायपुर में 7 नाबालिग बाल मजदूरों का रेस्क्यू, फैक्ट्रियों में कराया जा रहा था खतरनाक काम; चार संस्थानों पर केस दर्ज Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, Top News
Scroll to Top