छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री का नया रिकॉर्ड: 4 महीने में 3 लाख लोगों को 650 करोड़ की छूट, अब हर साल नहीं बदलेगी गाइडलाइन

Chhattisgarh में पंजीयन विभाग ने इस बार नया रिकॉर्ड बनाया है। राज्य गठन के बाद पहली बार किसी एक वित्तीय वर्ष में रजिस्ट्री से मिलने वाला राजस्व 3000 करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गया है। खास बात यह है कि कलेक्टर गाइडलाइन में 30 प्रतिशत तक की छूट देने के बावजूद यह उपलब्धि हासिल हुई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग को कुल 3036.85 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 5 प्रतिशत अधिक है। दिसंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच लागू छूट का सीधा फायदा आम लोगों को मिला। इस दौरान करीब 3 लाख लोगों ने रजिस्ट्री कराई, जिससे उन्हें लगभग 650 करोड़ रुपए की राहत मिली। सरकार को छूट देने के बावजूद आय में वृद्धि दर्ज की गई है। अधिकारियों का अनुमान है कि आने वाले वित्तीय वर्ष 2026-27 में यह आंकड़ा 5000 करोड़ रुपए के पार जा सकता है। नई व्यवस्था के तहत अब कलेक्टर गाइडलाइन हर साल जारी नहीं की जाएगी। इसे फ्लोटिंग सिस्टम में बदल दिया गया है, जिससे जमीन की कीमतों में समय-समय पर बदलाव संभव होगा। अब किसी क्षेत्र में विकास होने पर वहां के राजस्व अधिकारी और पटवारी की रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम, कलेक्टर को जमीन की कीमत बढ़ाने का प्रस्ताव भेज सकते हैं। पहले हर साल 1 अप्रैल को ही नई गाइडलाइन जारी होती थी, लेकिन अब साल के किसी भी समय सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जमीन की कीमतों में संशोधन किया जा सकेगा। राज्यभर में अलग-अलग सेक्टर में दी गई छूट का भी बड़ा असर देखने को मिला है। हेक्टेयर दर से रजिस्ट्री कराने पर करीब 300 करोड़ रुपए, सरकारी दर और बाजार मूल्य के अंतर पर 160 करोड़ रुपए और वसीयत व अन्य शुल्कों में लगभग 190 करोड़ रुपए की राहत दी गई है। सरकार के अनुसार, आने वाले समय में महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर 50 प्रतिशत छूट और सेस खत्म करने जैसे फैसलों से लोगों को और अधिक लाभ मिलेगा। इसके साथ ही रजिस्ट्री प्रक्रिया में मौजूद कई खामियों को भी दूर किया गया है।

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