दुर्ग के गनियारी गांव में डबल मर्डर: नाबालिग गर्लफ्रेंड और दादी की हत्या, आरोपी स्कॉर्पियो से फरार
6 मार्च 2024 की रात दुर्ग जिले के गनियारी गांव में एक दर्दनाक घटना घटी। एक नाबालिग लड़की और उसकी दादी को उनके ही घर में मौत के घाट उतार दिया गया। घटना के अनुसार, मास्टरमाइंड चुमेंद्र निषाद और उसके साथी पंकज निषाद ने नाबालिग गर्लफ्रेंड सविता साहू (17) को कुल्हाड़ी से हमला करके हत्या की, जबकि उसकी दादी राजवती साहू (62) को चाकू से मार डाला। 🕵️♂️ घटना की पूरी कहानी चुमेंद्र निषाद और पंकज निषाद ने घटना रात करीब 1:00 से 1:30 बजे के बीच अंजाम दिया। स्कॉर्पियो (CG 06 E 6666) से घर पहुंचे, नाबालिग को झांसा देकर दरवाजा खोलवाया और घर में घुसकर हत्या की। सविता को आवाज बंद करने के लिए मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया। दादी सविता की चीखें सुनकर बाहर आई, जिसे चाकू से मार डाला गया। मास्टरमाइंड और उसके साथी ने दोनों के खून से सने हथियारों को तालाब में धोकर सबूत मिटाने की कोशिश की। इसके बाद आरोपी फरार हो गए। 💔 हत्या का कारण पुलिस के अनुसार, सविता साहू अपने बॉयफ्रेंड चुमेंद्र की दूसरी सगाई से नाराज थी। चुमेंद्र ने डर और गुस्से में आकर साजिश रची। साजिश में शामिल था शराब तस्कर पंकज और एक अन्य दोस्त। 🧪 पुलिस जांच और गिरफ्तारी पुलगांव पुलिस ने FSL, फिंगरप्रिंट और डॉग स्क्वॉड की मदद से जांच की। 62 संदिग्धों से पूछताछ के बाद, ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट से आरोपियों की पहचान हुई। 18 महीने बाद मास्टरमाइंड चुमेंद्र निषाद और साथी पंकज निषाद को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। पुलिस ने स्कॉर्पियो, चाकू और मोबाइल फोन जब्त किए। 👮♂️ पुलिस की कार्रवाई और सबूत IG रामगोपाल गर्ग ने बताया कि पुलिस ने क्राइम सीन का रीक्रिएशन किया, कॉल डिटेल्स, डीएनए रिपोर्ट और संदिग्धों से पूछताछ कर आरोपियों तक पहुंचे। मास्टरमाइंड ने हत्या की साजिश स्वीकार कर ली। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। पुलिस ने घटना के लिए 25,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया था। यह मामला धैर्य, तकनीकी जांच और पुलिस टीम की सफलता का उदाहरण माना जा रहा है, जिसने 18 महीने बाद सच्चाई सामने लाने में सफलता पाई।

