NDPS मामलों में सख्त फैसला, तीन आरोपियों को 10-10 साल की सजा
नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन आरोपियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। रायपुर और गरियाबंद में दर्ज इन मामलों में आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी पाया गया। टिकरापारा क्षेत्र से 320 नशीली टैबलेट के साथ पकड़ा गया आरोपी पहला मामला रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र का है। 23 दिसंबर 2023 को पुलिस को सूचना मिली थी कि बोरियाखुर्द शमशान घाट के पास एक युवक प्रतिबंधित नशीली दवाओं के साथ मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शेख अजहर उर्फ विक्की को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से पीले रंग के कैरी बैग में रखी स्पास ट्रैनकैन प्लस की 40 पत्तियां बरामद की गईं। प्रत्येक पत्ती में 8-8 टैबलेट थीं, इस तरह कुल 320 टैबलेट जब्त की गईं। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौलने पर इनका कुल वजन 163.2 ग्राम पाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 15 गवाहों के बयान पेश किए गए। सभी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। मैनपुर में 22.4 किलो गांजे के साथ दो आरोपी गिरफ्तार दूसरा मामला गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। 2 जून 2021 को पुलिस को सूचना मिली थी कि एनएच-130सी पर स्थित मां अंबे पेट्रोल पंप के पास दो व्यक्ति बैग में अवैध गांजा लेकर खड़े हैं। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और त्रिनाथ मेहर तथा इंद्रभूषण मेहर को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान दोनों के बैग से प्लास्टिक में पैक गांजा बरामद हुआ। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से वजन करने पर त्रिनाथ मेहर के पास से 11 किलो 300 ग्राम और इंद्रभूषण मेहर के पास से 11 किलो 100 ग्राम गांजा मिला। इस तरह कुल 22 किलो 400 ग्राम गांजा जब्त किया गया। पुलिस ने जब्त गांजे का सैंपल तैयार कर जांच के लिए एफएसएल रायपुर भेजा और मामले में चालान पेश किया। सुनवाई के बाद एनडीपीएस एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
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