57 करोड़ की तीन मल्टीलेवल पार्किंग बेअसर: सुरक्षा और सिस्टम फेल, कमिश्नरेट के बाद रिपोर्ट तैयार
रायपुर शहर में करीब 57 करोड़ रुपये की लागत से बनी तीन मल्टीलेवल पार्किंग सुविधाएं उम्मीद के मुताबिक काम नहीं कर पा रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था, पास सिस्टम और निगरानी की कमी के कारण लोग इन पार्किंग भवनों का उपयोग करने से बच रहे हैं। अब पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद पहली बार इन पार्किंग व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की जा रही है और पुख्ता बदलाव के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। नगर निगम को यह सवाल परेशान कर रहा है कि सैकड़ों वाहनों की क्षमता होने के बावजूद लोग अपनी गाड़ियां सड़कों पर क्यों खड़ी कर रहे हैं। कमिश्नरेट लागू होने के बाद पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें पार्किंग शुल्क, पास सिस्टम और सुरक्षा इंतजामों पर सुझाव मांगे गए हैं। सड़कों पर 2 घंटे में 87 हजार वाहन केंद्र सरकार की एजेंसी राइट्स के सर्वे के अनुसार, जिन इलाकों में मल्टीलेवल पार्किंग बनाई गई है, वहां हर दो घंटे में करीब 87 हजार वाहन सड़कों पर खड़े रहते हैं। इसके बावजूद पार्किंग भवन खाली नजर आते हैं। एमजी रोड, सदर बाजार, जीई रोड, मालवीय रोड, गोल बाजार, कोतवाली चौक और रवि भवन जैसे इलाकों में सड़क किनारे पार्किंग की समस्या जस की तस बनी हुई है। तीनों पार्किंग की स्थिति कलेक्टोरेट पार्किंग (22 करोड़ रुपये)छह मंजिला इस पार्किंग में 406 कार और 140 दोपहिया वाहन खड़े करने की क्षमता है, लेकिन यहां रोजाना तोड़फोड़ और वाहन चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं। जवाहर बाजार पार्किंग (20 करोड़ रुपये)यहां 246 कार और 400 दोपहिया वाहनों की क्षमता है, लेकिन रात में अंधेरा और प्रभावी निगरानी की कमी बड़ी समस्या है। स्थानीय कारोबारियों के दबदबे के कारण कई गाड़ियां बिना शुल्क के खड़ी की जा रही हैं। जयस्तंभ चौक पार्किंग (15 करोड़ रुपये)240 कार और 350 दोपहिया की क्षमता वाली इस पार्किंग में पास सिस्टम में गड़बड़ी है। एक पास पर कई गाड़ियां खड़ी होने और एंट्री-एग्जिट जांच के अभाव की शिकायतें मिल रही हैं। नए पार्किंग भवन की जरूरत राइट्स की रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि शहर के व्यस्त इलाकों—एमजी रोड (शारदा चौक से गुरुनानक चौक), जीई रोड, सदर बाजार रोड, फाफाडीह से रेलवे स्टेशन चौक और कोतवाली चौक से फायर ब्रिगेड चौक—के बीच छोटे या मध्यम आकार के नए पार्किंग भवन बनाए जाएं, ताकि बाजार आने वाले लोग सड़क पर वाहन खड़े करने के बजाय पार्किंग सुविधा का उपयोग करें। “सिस्टम में बड़े बदलाव होंगे” नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के अनुसार, तीनों मल्टीलेवल पार्किंग के बेहतर उपयोग के लिए व्यापक योजना पर काम हो रहा है। सुरक्षा, निगरानी और शुल्क व्यवस्था में बदलाव कर इन्हें अधिक प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि लोग स्वेच्छा से यहां वाहन पार्क करें। कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद पहली बार पार्किंग सिस्टम को दुरुस्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रस्तावित बदलाव ट्रैफिक जाम की समस्या को कितना कम कर पाते हैं।

