मैनपाट में पारा 4 डिग्री पर पहुंचा: ओस की बूंदें बनीं बर्फ, छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्सों में शीतलहर का असर

छत्तीसगढ़ में ठंड ने दस्तक दे दी है। मैनपाट में तापमान घटकर 4°C तक पहुंच गया, जहां घास पर जमी ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो गई हैं। राज्य के उत्तरी हिस्सों — पेंड्रा और अंबिकापुर में भी लोगों को सुबह-शाम अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। मैदानी इलाकों में दुर्ग सबसे ठंडा रहा, जहां रात का तापमान सामान्य से करीब 7 डिग्री कम होकर 10.2°C दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा और मौसम शुष्क रहेगा। राज्य में अधिकतम तापमान 30.8°C (दुर्ग) और न्यूनतम 8.6°C (अंबिकापुर) रिकॉर्ड किया गया। 🌫️ मलेरिया का खतरा बढ़ा, डॉक्टरों ने दी चेतावनी मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। मेडिकल एक्सपर्ट डॉ. विकास अग्रवाल (एमडी, मेडिसिन) ने बताया कि ऐसे मौसम में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ती है, जिससे संक्रमण की संभावना अधिक रहती है। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि शाम के बाद घर के आसपास मच्छरदानी, कॉइल या लिक्विड का उपयोग करें और पानी जमा न होने दें। बच्चों और बुजुर्गों को पूरी बांह के कपड़े पहनने चाहिए। सावधानी के उपाय: 🌾 किसानों और आम जनता के लिए मौसम संकेत 🦟 मलेरिया संक्रमण का बढ़ता खतरा मौसम विभाग की हेल्थ एडवाइजरी के मुताबिक, 7 से 11 नवंबर के बीच भारत के कई राज्यों में मलेरिया संक्रमण का खतरा बढ़ा हुआ है।छत्तीसगढ़ में भी तापमान 14–19°C (रात) और 33–39°C (दिन) के बीच बना हुआ है — जो मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल परिस्थिति है। राज्य में Plasmodium Vivax प्रकार के मलेरिया के बढ़ने की संभावना अधिक बताई गई है। ग्रामीण और जंगल क्षेत्रों में यह खतरा ज्यादा है। 🌧️ बारिश का रिकॉर्ड इस साल अक्टूबर में छत्तीसगढ़ में औसत से 59% अधिक बारिश दर्ज की गई।1 से 26 अक्टूबर के बीच 89.4 मिमी वर्षा हुई है, जबकि सामान्य औसत इससे काफी कम होता है।

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