रायपुर में दिन के समय रैली-जुलूस पर रोक: जयस्तंभ चौक समेत 4 किमी दायरे में 2 माह का प्रतिबंध
रायपुर। शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक और यातायात क्षेत्र में बढ़ते जाम को देखते हुए रायपुर पुलिस ने बड़ा फैसला लिया है। जयस्तंभ चौक और उससे जुड़े जीई रोड, मालवीय रोड, एमजी रोड और सदर रोड समेत करीब 4 किलोमीटर के दायरे में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक रैली, जुलूस, धरना, प्रदर्शन और शोभायात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश फिलहाल दो माह के लिए प्रभावी रहेगा। एक साल में 290 से अधिक जुलूस, ट्रैफिक हुआ बेपटरी पुलिस सर्वे के अनुसार, बीते 365 दिनों में इस क्षेत्र से 290 से ज्यादा छोटे-बड़े जुलूस निकले। इनमें से लगभग 190 रैलियां केवल कोतवाली–जयस्तंभ और शारदा चौक मार्ग से गुजरीं। नतीजतन, कई बार लंबा जाम लगा और एंबुलेंस तक फंस गईं, जिससे मरीजों की हालत गंभीर होने की घटनाएं सामने आईं। 1.20 लाख वाहन रोज गुजरते हैं ट्रैफिक सर्वे में पाया गया कि जयस्तंभ चौक से प्रतिदिन 1.20 लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। यदि करीब हजार लोगों की भी रैली निकलती है तो दो किलोमीटर के दायरे में तीन घंटे तक यातायात ठप हो जाता है और ढाई लाख से ज्यादा लोग प्रभावित होते हैं। कमिश्नर सिस्टम के बाद सख्ती पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद ट्रैफिक सुधार को लेकर लगातार समीक्षा की जा रही थी। डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने नौ साल पहले एसपी रहते हुए भी इसी तरह की अनुशंसा की थी, जिसे उस समय लागू किया गया था। बाद में ढील मिलने से फिर धरना-प्रदर्शन शुरू हो गए थे। पहले ही दिन विरोध, समझौते से निकला समाधान प्रतिबंध लागू होते ही सिंधी समाज ने विरोध जताया। पुलिस और समाज के पदाधिकारियों के बीच बैठक के बाद सहमति बनी कि जुलूस जीई रोड के बजाय एमजी रोड पर रात 9 बजे समाप्त किया जाएगा। 🚦 इन मार्गों पर दिन में प्रतिबंध ➡️ वैकल्पिक मार्ग तय रैलियां अब शहर के आउटर मार्गों से निकाली जाएंगी। सप्रे मैदान से निकलने वाली रैली फायर ब्रिगेड चौक होते हुए कलेक्टोरेट तिराहे तक जा सकेगी। सामाजिक जुलूसों को गौरवपथ, पुलिस लाइन और निर्धारित धरनास्थल मार्गों का उपयोग करने की अनुमति होगी। दो माह के लिए प्रभावी आदेश जयस्तंभ चौक को शहर का हृदय स्थल माना जाता है। भारी ट्रैफिक दबाव को देखते हुए फिलहाल दो माह के लिए यह प्रतिबंध लागू किया गया है। पुलिस का कहना है कि इससे यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और आम नागरिकों को राहत मिलेगी।

