CSR फंड में गड़बड़ी का आरोप: BSP के 2 करोड़ में से 40 लाख से खरीदे एसी, मरीजों को नहीं मिला लाभ
छत्तीसगढ़ के Durg जिले में सीएसआर फंड के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। Bhilai Steel Plant (बीएसपी) ने कोरोना की तीसरी लहर के दौरान जिला अस्पताल को बेहतर सुविधाएं देने के लिए 200 लाख रुपए की राशि दी थी, लेकिन इस फंड के उपयोग को लेकर पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि इस राशि में से 40 लाख रुपए खर्च कर एयर कंडीशनर खरीदे गए, जो मरीजों के वार्ड की बजाय अधिकारियों और डॉक्टरों के कमरों में लगाए गए। जानकारी के मुताबिक, 5 अप्रैल 2023 को बीएसपी ने यह राशि कलेक्टर के सीएसआर खाते में ट्रांसफर की थी। ऑडिट के दौरान जब खर्च का हिसाब मांगा गया, तो स्वास्थ्य विभाग केवल 16.49 लाख रुपए का ही विवरण दे पाया, जिसमें से महज 8.24 लाख रुपए का उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किया गया। यानी करीब दो करोड़ रुपए के फंड का पूरा हिसाब अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि 40 लाख रुपए से एसी खरीदे गए। जांच में सामने आया कि जिला अस्पताल के न्यू ओपीडी ब्लॉक में अधिकांश डॉक्टरों के कक्ष, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के कमरों में एसी लगाए गए हैं, जबकि मरीजों के वार्ड और वेटिंग एरिया में ऐसी सुविधाएं नहीं पहुंच पाईं। केवल बर्न वार्ड में कुछ पुराने एसी लगाए जाने की बात सामने आई है। पिछले तीन वर्षों में बीएसपी द्वारा लगातार पत्राचार के बावजूद पूरा विवरण नहीं दिया गया। 8 जनवरी 2026 को भेजे गए 11वें पत्र में खर्च, बिल, फोटो और वीडियो मांगे गए, लेकिन अब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। इतना ही नहीं, सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी पर भी विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है। इस पूरे मामले ने सीएसआर फंड के उपयोग और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के अनुसार, ऐसे फंड के उपयोग का पूरा हिसाब और उपयोगिता प्रमाण-पत्र देना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होती है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय की जाती है।

