वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा – लोगों को मिले जीएसटी राहत का पूरा फायदा, पुरानी कीमतों पर सामान बेचने वालों पर होगी कार्रवाई
राज्य के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जीएसटी विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में कोई भी वस्तु या उत्पाद पुरानी कीमत पर नहीं बेचा जाएगा। उन्होंने कहा कि टैक्स दरों में कमी का सीधा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुँचना चाहिए। सभी अधिकारी सुनिश्चित करें कि नई दरों के अनुसार ही वस्तुओं की कीमत तय की जाए। मंगलवार को आयोजित ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की समीक्षा बैठक में मंत्री चौधरी ने राजस्व संग्रह, कर चोरी पर नियंत्रण और विभागीय सुधारों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ बनाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चौधरी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बिना टैक्स चुकाए राज्य के बाहर से माल मंगाकर बेचने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई हो। साथ ही फर्जी या गैर-पंजीकृत फर्मों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं। उन्होंने कार्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति और सीसीटीवी निगरानी लागू करने के आदेश भी दिए ताकि अनुशासन और पारदर्शिता बनी रहे। मंत्री ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों की सफल कर प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन कर उसे छत्तीसगढ़ में लागू किया जाएगा। बैठक में वित्त सचिव मुकेश बंसल, राज्य कर आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा समेत वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। चौधरी ने बताया कि 99% से अधिक वस्तुएं अब 5% जीएसटी स्लैब में आ गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। कृषि उपकरण, बीमा पॉलिसी और दवाइयों पर कर घटने से लोगों के खर्च में भारी कमी आई है। उन्होंने निर्देश दिया कि हर उत्पाद पर नई संशोधित कीमत का उल्लेख अनिवार्य हो और ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की दैनिक रिपोर्टिंग की जाए। मंत्री स्वयं इसकी समीक्षा करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि राज्य के हर नागरिक तक जीएसटी 2.0 सुधारों का लाभ पहुँचे।

