छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र: कवासी लखमा की वापसी, भाजपा नेताओं से गले मिले; आर्थिक सर्वेक्षण पेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण के साथ हुई। पहले ही दिन सदन में राजनीतिक और वित्तीय दोनों ही मोर्चों पर हलचल देखने को मिली। लंबे समय बाद सदन पहुंचे पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने भाजपा नेताओं से गले मिलकर मुलाकात की, वहीं वित्त मंत्री ने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की। सदन की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों का उल्लेख किया गया। अभिभाषण में बताया गया कि रायपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना की जाएगी। साथ ही पिछले दो वर्षों में 532 नक्सलियों के न्यूट्रलाइज होने का दावा भी किया गया। एक साल बाद सदन में कवासी लखमा की वापसी करीब एक वर्ष तक जेल में रहने के बाद कवासी लखमा सत्र में शामिल हुए। सदन पहुंचते ही उन्होंने भाजपा नेता अजय चंद्राकर, रामविचार नेताम और धर्मजीत सिंह से गले मिलकर अभिवादन किया। सदन में अजय चंद्राकर ने उनकी पीठ थपथपाकर स्वागत भी किया। उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद उन्हें सशर्त रूप से सत्र में भाग लेने की अनुमति दी गई है। विधानसभा की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वे केवल सदन की कार्यवाही में शामिल होंगे और अपने मामले से संबंधित किसी भी विषय पर वक्तव्य नहीं देंगे। उनकी आवाजाही और उपस्थिति का औपचारिक रिकॉर्ड रखा जाएगा। आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश, बजट कल वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की। 24 फरवरी को राज्य का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और उपमुख्यमंत्री अरुण साव सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। इंफ्रास्ट्रक्चर और युवाओं पर फोकस सूत्रों के अनुसार इस बार का बजट गुड गवर्नेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और उद्योग पर केंद्रित रहेगा। युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए विशेष योजनाएं प्रस्तावित हैं। दो अहम विधेयक भी सूची में सत्र के दौरान दो महत्वपूर्ण विधेयक लाए जाने की संभावना है — इन विधेयकों को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। सवालों की बौछार से घिरेगी सरकार बजट सत्र के लिए अब तक 2813 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें 1376 तारांकित प्रश्न शामिल हैं। इसके अलावा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, अविलंबनीय चर्चा, अशासकीय संकल्प और याचिकाएं भी सूचीबद्ध हैं। इससे स्पष्ट है कि सत्र के दौरान सरकार को कई अहम मुद्दों पर जवाब देना होगा। राजनीतिक और वित्तीय दृष्टि से यह सत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जहां सरकार बजट के माध्यम से अपनी प्राथमिकताएं सामने रखेगी, वहीं विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। अगले एक महीने तक राज्य की राजनीति का केंद्र विधानसभा ही रहेगा।

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