Durg Police News

गलत कार्रवाई के आरोपों में स्मृतिनगर चौकी प्रभारी लाइन अटैच, हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद एसपी की कार्रवाई

दुर्ग जिले के स्मृतिनगर चौकी के प्रभारी उप निरीक्षक गुरविंदर सिंह संधु को बुधवार को उनके पद से हटाकर रक्षित केंद्र भेज दिया गया है। यह प्रशासनिक कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कुछ दिन पहले ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनके आचरण की जांच कराने के निर्देश पुलिस महानिदेशक (DGP) को दिए थे। गुरविंदर सिंह पर दो व्यापारियों के खिलाफ गलत और मनमानी कार्रवाई करने के गंभीर आरोप लगे थे। इन्हीं मामलों के बाद पुलिस विभाग ने चौकी प्रभारी बदलने का फैसला लिया है। उनकी जगह भिलाई भट्टी थाना प्रभारी राजेश कुमार साहू को स्मृतिनगर चौकी का नया प्रभारी बनाया गया है। हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी वाला पहला मामला पहला मामला एक स्थानीय व्यवसायी सुजीत साव से जुड़ा है। इस केस में हाईकोर्ट ने चौकी प्रभारी के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए थे। याचिकाकर्ता के अनुसार, महिला से छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में गिरफ्तारी के बाद व्यवसायी को चौकी लाकर पीटा गया और फिर हथकड़ी पहनाकर सड़कों पर जुलूस निकाला गया। उसे रात करीब 9 बजे जेल दाखिल कराया गया। कोर्ट ने पाया कि इस पूरे मामले में एसआई गुरविंदर सिंह संधु की कार्रवाई नियमों के विपरीत थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने DGP को निर्देश दिया था कि उनके आचरण की उचित स्तर पर जांच कराई जाए और जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक या अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। दूसरा मामला: होटल कारोबारी से मारपीट, बिना FIR जेल दूसरा चर्चित मामला भिलाई के एक होटल कारोबारी से जुड़ा है। आरोप है कि जांच के नाम पर पुलिस ने होटल में दबिश दी और कारोबारी को उसकी मां के सामने ही पीटा। इसके बाद बिना एफआईआर दर्ज किए सरकारी काम में बाधा का आरोप लगाकर उसे जेल भेज दिया गया। इस मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार को पीड़ित को 1 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि जांच के बाद यह राशि दोषी अधिकारियों से वसूली जा सकती है। साथ ही गृह विभाग के सचिव को निर्देश दिए गए कि पुलिसकर्मियों को मानवाधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद कार्रवाई इन दोनों मामलों में हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणियों और जांच के आदेशों के बाद स्मृतिनगर चौकी प्रभारी को हटाया जाना महज संयोग नहीं माना जा रहा। पुलिस महकमे में इसे जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने आदेश जारी कर गुरविंदर सिंह संधु को लाइन अटैच कर दिया है। पुलिस विभाग में फेरबदल जारी आदेश के अनुसार—

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दुर्ग पुलिस में बड़ी कार्रवाई: ओवरलोड वसूली और बदसलूकी के आरोप में आरक्षक बर्खास्त, ASI और सिपाही लाइन अटैच

दुर्ग में पुलिस विभाग ने अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कड़ा कदम उठाया है। सुपेला सब्जी मंडी क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली करने वाले आरक्षक अर्जुन दुबे को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, फरियादियों से दुर्व्यवहार करने के आरोप में स्मृति नगर चौकी के एएसआई प्रमोद सिंह और आरक्षक रवि ठाकुर को तत्काल लाइन अटैच कर दिया गया। 🔹 अर्जुन दुबे पर लगे आरोप और जांच आरक्षक अर्जुन दुबे (क्रमांक 597) पर दो गंभीर आरोप लगे थे: जांच के दौरान सभी आरोप साबित पाए गए। दुबे को विभागीय प्रक्रिया में अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। इससे पहले भी उसे कर्तव्य में लापरवाही के कारण वेतनवृद्धि रोकने का दंड मिल चुका था। एसएसपी विजय अग्रवाल ने पाया कि दुबे के भ्रष्ट आचरण से विभाग की छवि धूमिल हुई। पुलिस रेग्यूलेशन पैरा 221(क) के तहत उसे सेवा से पृथक किया गया। 🔹 स्मृति नगर चौकी के एएसआई और आरक्षक पर कार्रवाई स्मृति नगर पुलिस चौकी में फरियादियों से दुर्व्यवहार के मामले में: को लाइन अटैच कर दिया गया। शिकायत एसएसपी तक पहुंची थी और जांच में आरोप सही पाए गए। उन्हें रक्षित केंद्र भेजने का आदेश जारी किया गया। 🔹 अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित एसएसपी विजय अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखना प्राथमिकता है। इस दिशा में यह कार्रवाई उदाहरण प्रस्तुत करती है।

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