साय कैबिनेट की अहम बैठक: गाय को ‘राजमाता’ का दर्जा मिलने की संभावना, धान खरीदी और NHM कर्मचारियों की मांगों पर भी चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में शुक्रवार को महानदी भवन में चल रही कैबिनेट बैठक कई अहम फैसलों की दिशा तय कर सकती है। इस बैठक में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना है। इनमें सबसे चर्चित प्रस्ताव गाय को ‘राजमाता’ का दर्जा देने का है। अगर इस पर सहमति बनती है, तो छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा जो गाय को राजमाता घोषित करेगा। गौरतलब है कि प्रदेश में लंबे समय से यह मांग उठती रही है कि गाय को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से ‘राजमाता’ घोषित किया जाए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में दिए एक बयान में संकेत दिया था कि उनकी सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है। अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि आज की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लग सकती है। कैबिनेट की बैठक में अन्य कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हो रही है। इनमें धान खरीदी की तैयारियां, राज्योत्सव 2025 के आयोजन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों की मांगों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। खासकर धान खरीदी को लेकर प्रशासनिक तैयारियों और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। वहीं राज्योत्सव के आयोजन को लेकर कार्यक्रमों की रूपरेखा और आयोजन स्थलों पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा NHM कर्मचारियों की वेतन वृद्धि और सेवा शर्तों से जुड़ी मांगों पर भी सरकार निर्णय ले सकती है। त्योहारी सीजन को देखते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति और जनसुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल है। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनता की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। आज की यह बैठक न केवल सरकारी योजनाओं की दिशा तय करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े ‘गाय को राजमाता’ दर्जे जैसे ऐतिहासिक निर्णय की साक्षी भी बन सकती है।

