CSMCL Scam

रायपुर के बार में युवक का हमला, व्यापारी पर बीयर बोतल से वार कर फरार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में देर रात एक बार में हिंसक घटना सामने आई है। रायपुरा चौक स्थित मधुशाला बार में एक युवक ने किराना व्यापारी पर बीयर की बोतल से हमला कर दिया और धमकी देकर मौके से फरार हो गया। घायल व्यापारी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, जामगांव निवासी व्यापारी संदीप अग्रवाल 18 अप्रैल की रात अपने दोस्त अनिवेश प्रताप सिंह के साथ बार पहुंचे थे। रात करीब 11:30 बजे दोनों बार के बाहर खड़े थे, तभी चंगोराभाठा निवासी हर्ष शुक्ला तेज रफ्तार कार से वहां पहुंचा और अचानक उनके सामने गाड़ी रोक दी। इससे घबराकर दोनों बार के अंदर चले गए। बताया जा रहा है कि आरोपी भी उनके पीछे बार में घुस आया और गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद उसने फ्रिज से बीयर की बोतल उठाई और संदीप अग्रवाल के सिर पर हमला कर दिया। इस हमले में संदीप गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके सिर से खून बहने लगा। घटना के दौरान अनिवेश प्रताप सिंह ने बीच-बचाव किया, जिससे मामला और नहीं बढ़ा, लेकिन आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। घायल को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

रायपुर के बार में युवक का हमला, व्यापारी पर बीयर बोतल से वार कर फरार Read Post »

Chhattisgarh, Crime, Raipur, Top News

CSMCL में 115 करोड़ का ओवरटाइम घोटाला उजागर, फर्जी शिफ्ट दिखाकर कर्मचारियों का पैसा हड़पा

छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले के बाद अब छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड में 115 करोड़ रुपए के कथित ओवरटाइम घोटाले का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध शाखा और एंटी करप्शन ब्यूरो ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मैनपावर एजेंसी के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड के फील्ड ऑफिसर अभिषेक कुमार सिंह और अकाउंटेंट तिजऊ राम निर्मलकर शामिल हैं। दोनों को तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है। जांच में सामने आया है कि शराब दुकानों में कागजों पर अतिरिक्त शिफ्ट दिखाई गईं, लेकिन जिन कर्मचारियों के नाम पर यह ओवरटाइम दिखाया गया, उन्हें कोई भुगतान नहीं मिला। यह पूरा मामला तब सामने आया जब प्रवर्तन निदेशालय ने 29 नवंबर 2023 को रायपुर में छापेमारी कर 28.80 लाख रुपए नकद जब्त किए थे। जांच में पता चला कि यह रकम कर्मचारियों के ओवरटाइम भुगतान से जुड़ी थी। ED की रिपोर्ट के आधार पर ACB ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और IPC की धारा 420 व 120-बी के तहत केस दर्ज किया। जांच एजेंसियों के अनुसार, साल 2019-20 से 2023-24 के बीच सरकार ने शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 115 करोड़ रुपए ओवरटाइम के रूप में स्वीकृत किए थे। नियम के मुताबिक यह राशि सीधे कर्मचारियों को मिलनी थी, लेकिन मैनपावर एजेंसियों ने फर्जी रिकॉर्ड बनाकर यह पैसा निकाल लिया। बताया जा रहा है कि यह रकम कमीशन के रूप में निकाली गई और इसे कुछ अधिकारियों व निजी व्यक्तियों के बीच बांटा गया। इस पूरे नेटवर्क के तार कारोबारी अनवर ढेबर से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। ACB के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका बैंक खातों से नकदी निकालकर संबंधित लोगों तक पहुंचाने की थी। जब्त की गई राशि भी इसी नेटवर्क का हिस्सा मानी जा रही है। दोनों आरोपियों को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 27 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। फिलहाल जांच एजेंसी बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। पूछताछ के दौरान कुछ बड़े अधिकारियों और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

CSMCL में 115 करोड़ का ओवरटाइम घोटाला उजागर, फर्जी शिफ्ट दिखाकर कर्मचारियों का पैसा हड़पा Read Post »

Chhattisgarh, Raipur, Top News
Scroll to Top