उपभोक्ता आयोग के लेखा अधिकारी पर लाखों के गबन का आरोप: 9 साल बाद खुलासा, अधीक्षक की शिकायत पर FIR दर्ज

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग कार्यालय में पदस्थ एक पूर्व लेखा अधिकारी पर सरकारी धन के गबन का मामला सामने आया है। आरोपी अधिकारी ने वर्ष 2017 में विभागीय राशि में हेराफेरी करते हुए लगभग 3 लाख 98 हजार 553 रुपए का गबन किया था। करीब 9 साल बाद इस वित्तीय अनियमितता का खुलासा हुआ, जिसके बाद अब देवेंद्र नगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 2017 में किया गया था गबन पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी का नाम विनोद साहू है, जो उस समय राज्य उपभोक्ता आयोग में लेखा प्रभारी के पद पर पदस्थ था।जांच में यह सामने आया कि उसने 7 सितंबर 2017 को विभागीय खातों से रकम निकालकर अपने निजी बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी थी। इस लेन-देन को उसने विभागीय भुगतान के रूप में दर्ज किया था ताकि गड़बड़ी का पता न चले। अधीक्षक की शिकायत पर मामला दर्ज उपभोक्ता आयोग के अधीक्षक जे.आर. निराला ने इस पूरे मामले की शिकायत देवेंद्र नगर थाने में दर्ज कराई। अधीक्षक ने बताया कि जब विभागीय खातों की जांच कराई गई, तब ट्रांजेक्शन में गड़बड़ी पाई गई। इसके बाद एक आंतरिक जांच समिति का गठन किया गया, जिसने सभी तथ्यों की पुष्टि की। जांच समिति ने पाई गड़बड़ी सही समिति की रिपोर्ट में पाया गया कि आरोपी ने कई किश्तों में सरकारी राशि को अपने व्यक्तिगत खाते में ट्रांसफर किया है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर अधीक्षक ने आरोपी के खिलाफ अमानत में ख्यानत और धोखाधड़ी (धारा 406, 420 IPC) के तहत कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने अधीक्षक की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल आरोपी की भूमिका और अन्य संबंधित वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है।

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