महिला दिवस पर सीएम विष्णु देव साय ने साझा किए निजी अनुभव, कहा– पिता के निधन के बाद मां बनीं सबसे बड़ी ताकत
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपने जीवन के कई व्यक्तिगत पहलुओं और महिलाओं की भूमिका पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि बचपन में पिता के निधन के बाद उनकी मां ने परिवार की पूरी जिम्मेदारी संभाली और वही उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बनीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह महज 10 साल के थे, तब उनके पिता का देहांत हो गया था। उस कठिन समय में उनकी मां ने पिता और मां दोनों की जिम्मेदारी निभाते हुए परिवार को संभाला और बच्चों की परवरिश की। उन्होंने कहा कि उनकी मां की मेहनत और संघर्ष से ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। सीएम साय ने बताया कि 26 वर्ष की उम्र में जब वह विधायक बने, तब उनकी पत्नी ने घर और बच्चों की जिम्मेदारी संभाल ली। इससे उन्हें राजनीति में पूरी तरह ध्यान देने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में किसी भी बड़े फैसले से पहले सभी की राय ली जाती है और घर की महिलाएं हमेशा उन्हें प्रोत्साहित करती हैं। महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले के समय में महिलाएं अधिकतर घर की जिम्मेदारियों तक सीमित रहती थीं, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। स्व-सहायता समूहों और सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में करीब 8 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 10 लाख तक पहुंचाना है। बस्तर क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में अब विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। वहां सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे महिलाओं को भी आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। सीएम साय ने मुस्कुराते हुए यह भी कहा कि पहले वह घर के सभी सदस्यों के कपड़े खुद खरीदते थे, लेकिन पिछले लगभग 10 वर्षों से व्यस्तता बढ़ने के कारण अब उनके ज्यादातर कपड़े उनकी पत्नी ही खरीदती हैं।


