छत्तीसगढ़ में 10 दवाओं में बड़ी गड़बड़ी, 9 अमानक और 1 नकली पाई गई

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2025 में देशभर में 112 दवाओं के सैंपल क्वालिटी टेस्ट में फेल पाए गए, जबकि एक दवा नकली निकली। इस सूची में छत्तीसगढ़ की 10 दवाएं शामिल हैं, जिनमें 9 दवाएं मानक गुणवत्ता (NSQ) पर खरी नहीं उतरीं और 1 दवा नकली (Spurious) पाई गई। 🔹 अमानक और नकली दवाओं का विवरण छत्तीसगढ़ में फेल पाई गई दवाओं में आम घरेलू दवाएं भी शामिल हैं, जैसे: अमानक दवाओं में डिज़ॉल्यूशन टेस्ट और Assay टेस्ट में खामी पाई गई, यानी दवा शरीर में सही ढंग से असर नहीं कर रही थी या सक्रिय तत्व निर्धारित मात्रा से कम था। नकली फंगल क्रीम मामले में कंपनी ने किसी असली ब्रांड का नाम इस्तेमाल किया था और उसके पास लाइसेंस नहीं था। 🔹 दवाओं की खपत और कारोबार 🔹 NSQ यानी “Not of Standard Quality” एक दवा को NSQ तभी माना जाता है जब वह किसी निर्धारित क्वालिटी मानक पर फेल हो। यह जांच विशेष बैच पर होती है। एक बैच फेल होने का मतलब यह नहीं कि पूरे ब्रांड की दवा खराब है। 🔹 प्रशासन का कहना राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बताया कि केंद्र से नोटिफिकेशन अभी तक उन्हें नहीं मिला है। CDSCO हर महीने देशभर की दवाओं का क्वालिटी चेक करता है और फेल या नकली दवाओं की सूची अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करता है। 🔹 इन दवाओं से बचने के उपाय इस रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि बाज़ार में बिकने वाली हर दवा पर भरोसा नहीं किया जा सकता और सही सावधानी बेहद जरूरी है।

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