Birgaon

रायपुर: बम बनाने की सामग्री मामले में आरोपी गिरफ्तार, महापौर से रिश्तेदारी की चर्चा

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बम बनाने से जुड़ी संदिग्ध सामग्री मिलने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी विनय देवांगन को गिरफ्तार किया है। आरोपी को खमतराई थाना क्षेत्र के रावाभाठा इलाके से पकड़ा गया है। जानकारी के अनुसार, 7 मई को रावाभाठा इलाके में एक संदिग्ध युवक के पास पिस्टल और बम निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना के बाद पुलिस और बम निरोधक दस्ता (BDDS) मौके पर पहुंचा और जांच शुरू की गई। जांच के दौरान टीम को लो एक्सप्लोसिव क्षमता वाली सामग्री, बैटरी, दो केमिकल की बोतलें, तार और डेटोनेटर बरामद हुए थे। मामले के सामने आने के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसकी पुलिस लगातार तलाश कर रही थी। अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ जारी है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपी की मंशा क्या थी और क्या इस घटना में अन्य लोग भी शामिल हैं। आरोपी विनय देवांगन को लेकर यह भी जानकारी सामने आई है कि वह बीरगांव नगर निगम के महापौर और एक पार्षद का रिश्तेदार है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

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सड़क पर मवेशियों की हाजिरी पर कड़ा एक्शन: 192 में से 140 निकायों ने नहीं भेजी रिपोर्ट, 904 पशु मालिकों से वसूला 20 हजार का जुर्माना

राज्य सरकार सड़क हादसों को रोकने के लिए सड़कों पर मवेशियों के जमावड़े पर गंभीर है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी सड़कों से मवेशियों को हटाने के लिए एक महीने तक लगातार अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही हर हफ्ते इस अभियान की रिपोर्ट भेजने का आदेश भी जारी किया गया। लेकिन अधिकांश नगर निकायों ने इस निर्देश की अनदेखी की। रिपोर्ट न भेजने और कार्रवाई न करने पर अब उन्हें रिमाइंडर भेजकर काम पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को निर्देश दिए हैं कि शहर के 15 किलोमीटर तक के क्षेत्र में भी पशुओं की निगरानी की जाए। आवारा और घुमंतू पशुओं को हटाने, उनके मालिकों को जागरूक करने और सड़क हादसों को रोकने के उपायों पर विशेष ध्यान दिया जाए। सड़कों पर रात में होने वाले हादसों को रोकने के लिए आवारा पशुओं पर रेडियम स्ट्रिप लगाने, प्रमुख मार्गों पर स्ट्रीट लाइट लगाने और सड़क संकेतक बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट और कार्रवाई की स्थितिप्रदेश के 192 नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में से 140 निकायों ने अभी तक इस मामले में कोई रिपोर्ट नहीं भेजी है। जिन्होंने कार्रवाई की, उनके मुताबिक 917 सड़कों पर कुल 2,323 मवेशी पकड़े गए, जबकि 3,600 पशु मालिकों को समझाइश दी गई। इस दौरान 904 पशु मालिकों से कुल 20,000 रुपए का जुर्माना वसूला गया। खास बात यह है कि राजधानी रायपुर और बिरगांव में मवेशियों के जमावड़े के बावजूद कोई भी पशु मालिक दंडित नहीं हुआ। वहीं, कुरुद में एक पशु मालिक से केवल 100 रुपए का जुर्माना वसूला गया। पशु मालिकों की पहचान और कानूनी कार्रवाईअब सड़कों पर पाए जाने वाले मवेशियों के मालिकों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नोटिस और जुर्माना के अलावा, खुले में पशु छोड़ने वाले मालिकों के खिलाफ मुकदमा भी चलाया जा सकता है। इसका उद्देश्य है कि सड़क हादसों को रोकने के साथ-साथ मवेशियों को सुरक्षित तरीके से सड़क से हटाया जाए।

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