रेल मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऊंघते दिखे अफसर, वीडियो वायरल; बिलासपुर जोन को 545 करोड़ ज्यादा, नया प्रोजेक्ट शून्य
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जोनल मुख्यालय से एक हैरान करने वाला दृश्य सामने आया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के समय रेलवे के दो वरिष्ठ अधिकारी नींद में झपकी लेते नजर आए, जिसका वीडियो अब चर्चा का विषय बन गया है। यह वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस सोमवार को आयोजित की गई थी, जिसमें रेल मंत्री ने छत्तीसगढ़ में चल रही और प्रस्तावित रेल परियोजनाओं की जानकारी साझा की। इस दौरान बिलासपुर जोनल मुख्यालय में मौजूद रेलवे के प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (PCCM) जेएस बिंद्रा और प्रमुख चीफ इंजीनियर मुरीत भटनागर कैमरे में झपकी लेते दिखाई दिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिलासपुर जोन के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश, डीआरएम राकेश रंजन समेत करीब एक दर्जन वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। रेल मंत्री ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में रेल विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और इनके पूरा होने से बस्तर जैसे दूरस्थ इलाकों को भी सीधा लाभ मिलेगा। रेल मंत्री ने रावघाट परियोजना, परमालकसा–खरसिया रेल कॉरिडोर सहित कई महत्वपूर्ण रेल लाइनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद राज्य में ट्रेनों की संख्या मौजूदा स्थिति की तुलना में लगभग दोगुनी हो जाएगी, जिससे ओडिशा, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों को भी फायदा होगा। इस वर्ष के रेल बजट में छत्तीसगढ़ को 7,470 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 545 करोड़ रुपये अधिक है। बिलासपुर जोन को भी बजट में बढ़ोतरी मिली है, लेकिन इसके बावजूद इस बार कोई भी नई रेल परियोजना स्वीकृत नहीं की गई है। वर्तमान में राज्य में करीब 51,080 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं विभिन्न चरणों में चल रही हैं। इनमें ट्रैक डबलिंग, ट्रिपलिंग, नई लाइन निर्माण, स्टेशन पुनर्विकास, यात्री सुविधाओं का विस्तार और सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। रेल मंत्री ने बताया कि बीते 11 वर्षों में छत्तीसगढ़ के रेल बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2009 से 2014 के दौरान जहां राज्य को औसतन 311 करोड़ रुपये का वार्षिक रेल बजट मिलता था, वहीं 2026–27 में यह बढ़कर 7,470 करोड़ रुपये हो गया है। राज्य में अमृत स्टेशन योजना के तहत 32 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिस पर 1,674 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें से डोंगरगढ़ (प्रथम चरण), अंबिकापुर, भानुप्रतापपुर, भिलाई और उरकुरा स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ में प्रीमियम रेल सेवाओं का भी विस्तार किया गया है। फिलहाल राज्य से दो जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस और एक जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस का संचालन किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को तेज और आधुनिक रेल सुविधा मिल रही है।

