रायपुर: मांगों को लेकर सड़क पर उतरीं बिहान योजना की महिलाएं, मंत्री से मुलाकात तक धरना जारी रखने का ऐलान

रायपुर में एनआरएलएम (बिहान योजना) से जुड़ी महिलाएं अपनी लंबित मांगों को लेकर सड़क पर उतर आईं। प्रदेश के विभिन्न जिलों से राजधानी पहुंचीं सैकड़ों महिलाएं राजीव गांधी चौक पर धरने पर बैठ गईं। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक संबंधित विभाग के मंत्री से सीधी बातचीत नहीं होती, वे सड़क से नहीं हटेंगी। महिलाएं अपनी 7 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले कई घंटों से प्रदर्शन कर रही हैं। उनका कहना है कि वे वर्षों से सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का काम कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न तो उचित मानदेय मिल रहा है और न ही नौकरी की कोई सुरक्षा दी गई है। बेहद कम मानदेय, बढ़ता आर्थिक दबाव धरने में शामिल महिलाओं ने बताया कि उन्हें वर्तमान में मात्र 1910 रुपए मासिक मानदेय दिया जा रहा है, जो मौजूदा महंगाई के दौर में बेहद अपर्याप्त है। महिलाओं का कहना है कि इतनी कम राशि में न तो परिवार का खर्च चल पाता है और न ही काम से जुड़े जरूरी खर्च पूरे हो पाते हैं। उन्होंने मांग की कि उनका मानदेय छत्तीसगढ़ शासन के न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुरूप बढ़ाया जाए। महिलाओं ने यह भी कहा कि पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में इसी तरह कार्यरत महिलाओं को 6000 रुपए प्रतिमाह दिए जाते हैं, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की समान हिस्सेदारी होती है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में बेहद कम मानदेय देना उनके साथ अन्याय है। निजी संसाधनों से कराया जा रहा सरकारी काम बिहान योजना से जुड़ी महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनसे लगातार ऑनलाइन कार्य कराया जा रहा है, लेकिन इसके लिए न तो सरकारी मोबाइल उपलब्ध कराया गया है और न ही इंटरनेट खर्च दिया जाता है। महिलाएं अपने निजी मोबाइल और स्वयं के पैसे से रिचार्ज कर सरकारी काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने सभी कैडर को सरकारी मोबाइल या मोबाइल-इंटरनेट भत्ता देने की मांग की। यात्रा और बैठक भत्ते की भी मांग प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि उन्हें नियमित रूप से मीटिंग, प्रशिक्षण और फील्ड विजिट के लिए बुलाया जाता है, लेकिन इसके बदले न तो यात्रा भत्ता दिया जाता है और न ही कोई मीटिंग या दैनिक भत्ता मिलता है, जिससे आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। जबरन हटाने और भुगतान में देरी के आरोप महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई जगहों पर वर्षों से काम कर रही सक्रिय महिलाओं को जबरदस्ती काम से हटाया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कई ब्लॉकों में मानदेय 5 से 6 महीने देरी से मिलता है और कई बार बिना कारण राशि काट ली जाती है। महिलाओं की मांग है कि मानदेय हर महीने समय पर और सीधे बैंक खाते में दिया जाए। नियमितीकरण और नियुक्ति पत्र की मांग प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें आज तक नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया है। उन्होंने अपने नियमितीकरण की भी मांग की है। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मंत्री स्तर पर बातचीत नहीं हुई और मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

रायपुर: मांगों को लेकर सड़क पर उतरीं बिहान योजना की महिलाएं, मंत्री से मुलाकात तक धरना जारी रखने का ऐलान Read Post »

Chhattisgarh, Political, Raipur, State, Top News