‘मोदी की गारंटी’ पर सवाल: पीएम मोदी का मुखौटा पहन अमित जोगी ने BJP को घेरा
रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़–जे (JCC-J) के अध्यक्ष अमित जोगी ने डीएड अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को जारी एक वीडियो में अमित जोगी प्रधानमंत्री मोदी का मुखौटा पहने हुए नजर आए। इस प्रतीकात्मक विरोध के जरिए उन्होंने भाजपा को विधानसभा चुनाव 2023 से पहले किए गए वादों की याद दिलाई। अमित जोगी ने कहा कि वे नवा रायपुर के तूता मैदान जा रहे हैं, जहां डीएड अभ्यर्थी सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर भर्ती की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे हैं। उन्होंने ऐलान किया कि वे आंदोलनरत अभ्यर्थियों के साथ बैठकर उनका समर्थन करेंगे। जोगी ने कहा कि भाजपा ने चुनाव से पहले “मोदी की गारंटी” के तहत शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और रिक्त पदों पर भर्ती का भरोसा दिलाया था, लेकिन सरकार बनने के बाद दो साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद इन वादों को पूरा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राज्य सरकार लगभग 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति नहीं कर रही है। अमित जोगी ने कहा कि प्रधानमंत्री की गारंटी को पूरा न करना संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मांग की कि डीएड अभ्यर्थियों के साथ हो रहे अन्याय को तत्काल रोका जाए और सभी 2300 रिक्त पदों पर तुरंत भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए। 🟡 अनशन के बाद मौन व्रत में बदला आंदोलन डीएड अभ्यर्थियों का आंदोलन अब आमरण अनशन से आगे बढ़कर मौन व्रत में बदल चुका है। पिछले 15 दिनों से नवा रायपुर के तूता मैदान में जारी इस प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है। अब तक करीब 30 अभ्यर्थियों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है, जबकि चार अभ्यर्थियों की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। अभ्यर्थी सहायक शिक्षक भर्ती 2023 से जुड़े मामले में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि न्यायालय के निर्देशों के बावजूद सरकार ने मेरिट सूची को सही तरीके से पुनर्व्यवस्थित नहीं किया। मार्च 2023 में राज्य सरकार ने 6285 सहायक शिक्षक पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था, जिसमें डीएड और बीएड दोनों को पात्र माना गया। बाद में अदालतों ने बीएड अभ्यर्थियों को प्राथमिक शिक्षक पद के लिए अयोग्य ठहराया और डीएड अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का आदेश दिया। इसके बावजूद दिसंबर 2024 में हुई पांचवीं काउंसलिंग के बाद भी करीब 2300 पद खाली रह गए। हाईकोर्ट द्वारा 26 सितंबर 2024 को दो महीने के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के आदेश के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने से अभ्यर्थियों में गहरी नाराजगी है। डीएड अभ्यर्थियों की मांग है कि छठवें चरण की काउंसलिंग कर तुरंत नियुक्ति दी जाए।
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Chhattisgarh, Raipur
