Chhattisgarh

AIIMS रायपुर की बड़ी उपलब्धि: 10 महीने के मासूम की दुर्लभ हार्ट सर्जरी सफल, नई जिंदगी मिली

AIIMS Raipur ने बाल हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल की है। यहां डॉक्टरों ने 10 महीने के एक मासूम बच्चे की बेहद जटिल और दुर्लभ हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक की, जिससे उसे नई जिंदगी मिली। बच्चा ‘एएलसीएपीए’ (Anomalous Left Coronary Artery from the Pulmonary Artery) नाम की गंभीर और जन्मजात हृदय बीमारी से पीड़ित था। यह बीमारी लगभग 3 लाख नवजात शिशुओं में से किसी एक में पाई जाती है और समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती है। रायपुर जिले के इस मासूम की हालत बेहद नाजुक थी। गंभीर जोखिम के कारण कई अस्पतालों ने इलाज करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उसे AIIMS रायपुर रेफर किया गया। यह जटिल ऑपरेशन कई विभागों की संयुक्त टीम ने मिलकर किया, जिसमें कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी, कार्डियोलॉजी, कार्डियक एनेस्थीसिया, रेडियोलॉजी और पीडियाट्रिक्स विभाग शामिल रहे। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे का हृदय कार्य (Left Ventricular Ejection Fraction) केवल 20 प्रतिशत रह गया था, साथ ही गंभीर माइट्रल रिगर्जिटेशन ने स्थिति को और कठिन बना दिया था। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नाइक के मुताबिक यह बीमारी जन्मजात हृदय रोगों में सबसे जटिल मानी जाती है और इसका इलाज दुनिया के चुनिंदा बड़े मेडिकल संस्थानों में ही संभव हो पाता है। सर्जरी के दौरान और बाद में क्रिटिकल केयर टीम ने लगातार निगरानी रखी। शुरुआती 24 घंटे बच्चे के लिए बेहद महत्वपूर्ण थे, जिसमें उसे विशेष जीवन रक्षक सहायता दी गई। ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत में तेजी से सुधार हुआ। दूसरे ही दिन उसे वेंटिलेटर से हटा दिया गया और 9वें दिन उसे पूरी तरह स्वस्थ और स्थिर स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

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Health, Raipur, State, Top News

UPSC Prelims 2026: छत्तीसगढ़ में 13 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा, फेस स्कैन के बाद मिली एंट्री

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 आज 24 मई को छत्तीसगढ़ में शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित की गई। परीक्षा के लिए रायपुर और बिलासपुर में केंद्र बनाए गए थे, जहां कुल 13 हजार 319 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। रायपुर के 22 परीक्षा केंद्रों में 8 हजार 449 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी, जबकि बिलासपुर के 14 केंद्रों में 4 हजार 870 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा दो पालियों में आयोजित हुई। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक चली। इस बार परीक्षा में पहली बार फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू किया गया। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों का फेस स्कैन किया गया। पहचान सत्यापित होने के बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश दिया गया। प्रशासन ने परीक्षा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। सभी केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर से जांच की गई और पुलिस पेट्रोलिंग टीम लगातार निगरानी करती रही। रायपुर कलेक्टर Gaurav Singh ने पहले ही अभ्यर्थियों को समय से पहले केंद्र पहुंचने की अपील की थी। निर्धारित समय के बाद किसी को भी एंट्री नहीं दी गई। रायपुर में परीक्षा केंद्रों के आसपास 500 मीटर के दायरे में ध्वनि प्रदूषण और अव्यवस्था रोकने के निर्देश भी जारी किए गए थे। गोपनीय परीक्षा सामग्री का वितरण जिला कोषालय से किया गया। बिलासपुर में कई सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जिनमें शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज कोनी, सीएमडी कॉलेज, बिलासा गर्ल्स कॉलेज और स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल सहित कई संस्थान शामिल रहे।

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कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह! भूपेश बोले- सिंहदेव के बयानों पर नहीं देता प्रतिक्रिया

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर जारी सियासी बयानबाजी अब खुलकर सामने आने लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने टीएस सिंहदेव और दीपक बैज के बीच चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे सिंहदेव के बयानों पर कोई टिप्पणी नहीं करते। रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि Deepak Baij पिछले साढ़े तीन साल से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पार्टी में किसे नेता प्रतिपक्ष या प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा, यह फैसला कांग्रेस हाईकमान का होता है और वे इस मामले में अपनी ओर से कोई राय नहीं देते। दरअसल, हाल ही में T. S. Singh Deo ने एक इंटरव्यू में कहा था कि यदि पार्टी उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देती है, तो वे उसे निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे छत्तीसगढ़ में रहकर ही संगठन और जनता के बीच काम करना चाहते हैं। सिंहदेव के इस बयान पर दीपक बैज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि बाबा साहब बड़े नेता हैं और उन्हें दिल्ली में जाकर पार्टी के लिए काम करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं को आगे आने का मौका मिलना चाहिए। टीएस सिंहदेव ने अपने बयान में यह भी कहा था कि हर कांग्रेसी की पहली जिम्मेदारी अपने क्षेत्र और संगठन को मजबूत करना है। उन्होंने इशारों में चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि यह भी देखा जाना चाहिए कि कौन चुनाव जीता और कौन हारा। सिंहदेव ने यह भी स्वीकार किया कि वे खुद चुनाव हार चुके हैं, जबकि दीपक बैज भी चुनाव में हार का सामना कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने कई क्षेत्रों और लोकसभा चुनाव में भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। वहीं, बीजेपी ने कांग्रेस के भीतर चल रही इस बयानबाजी को लेकर निशाना साधा है। प्रदेश के मंत्री Ramvichar Netam ने कहा कि कांग्रेस का अंदरूनी विवाद समय-समय पर सार्वजनिक होता रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में नेता एक-दूसरे को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं और पार्टी “यूज एंड थ्रो” की राजनीति करती है।

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Political, Raipur

धमतरी पुलिस को मिली हाईटेक FSL मोबाइल यूनिट वैन, अब घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच

धमतरी पुलिस को अपराध जांच को और अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए अत्याधुनिक एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) मोबाइल यूनिट वैन की सौगात मिली है। पुलिस लाइन रूद्री धमतरी में आयोजित कार्यक्रम में इस हाईटेक वैन का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में महापौर Jagdish Ramu Rohra, पूर्व विधायक Inderchand Chopra और पुलिस अधीक्षक Suraj Singh Parihar ने हरी झंडी दिखाकर वैन को रवाना किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह हाईटेक मोबाइल यूनिट अब घटनास्थल पर पहुंचकर तुरंत वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने, फिंगरप्रिंट जांच, डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और अन्य तकनीकी जांच कार्य करने में सक्षम होगी। इससे मौके पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक परीक्षण संभव हो सकेगा और जांच प्रक्रिया अधिक मजबूत और पारदर्शी बनेगी। धमतरी पुलिस ने बताया कि गंभीर और संवेदनशील मामलों की वैज्ञानिक तरीके से जांच के चलते वर्ष 2026 में अब तक 6 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाई जा चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि नई एफएसएल मोबाइल यूनिट के जुड़ने से विवेचना प्रणाली और अधिक तेज, आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त होगी। रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए एफएसएल मोबाइल यूनिट वैन को रवाना किया गया था। धमतरी जिले के लिए उपलब्ध कराई गई वैन को वैज्ञानिक अधिकारी Amit Kumar Patel धमतरी लेकर पहुंचे। महापौर जगदीश रामू रोहरा ने धमतरी पुलिस की आधुनिक तकनीक आधारित कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि नई सुविधा से अपराध जांच और अधिक प्रभावी होगी और लोगों का पुलिस एवं न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा। वहीं पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते अपराधों के स्वरूप को देखते हुए वैज्ञानिक और तकनीकी जांच बेहद जरूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि एफएसएल मोबाइल यूनिट से साक्ष्य आधारित जांच मजबूत होगी और दोषसिद्धि दर बढ़ाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल ने वैन में मौजूद आधुनिक उपकरणों और उसकी कार्यप्रणाली की जानकारी जनप्रतिनिधियों, पुलिस अधिकारियों और मीडिया को दी।

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राहुल गांधी और दीपक बैज के बयान पर भाजपा का विरोध: बिलासपुर में भाजयुमो ने फूंका पुतला

लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij के बयान को लेकर बिलासपुर में भाजपा और भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। शुक्रवार को पुराना बस स्टैंड स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौक पर भाजयुमो ने दोनों नेताओं का पुतला दहन कर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कांग्रेस नेताओं के बयान की आलोचना की। शहर विधायक Amar Agrawal ने कहा कि लगातार चुनावों में हार के कारण कांग्रेस नेताओं में निराशा और हताशा साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने राहुल गांधी के बयान को संकुचित मानसिकता का प्रतीक बताया। भाजयुमो जिलाध्यक्ष Vaibhav Gupta ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश ने आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों का मजबूती से सामना किया है और भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत शक्ति बनकर उभरा है। प्रदर्शन में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर, महापौर पूजा विधानी, सभापति विनोद सोनी, अजीत सिंह भोगल, मनीष अग्रवाल, महेश चंद्रिकापुरे, चंद्रप्रकाश मिश्रा, गौरी गुप्ता और मोनू रजक सहित बड़ी संख्या में भाजपा और भाजयुमो कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं भाजपा ग्रामीण इकाई ने भी राहुल गांधी और दीपक बैज का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया। भाजपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष Mohit Jaiswal ने कांग्रेस के बयान को अराजक मानसिकता से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में मर्यादा और सामाजिक सद्भाव का विशेष महत्व है। भाजयुमो जिलाध्यक्ष Rishabh Chaturvedi ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी देशवासियों की भावनाओं को आहत करने वाली है। प्रदर्शन में महामंत्री यश मनहर, चंद्रप्रकाश सूर्या और तुषार चंद्राकर समेत कई कार्यकर्ता शामिल रहे।

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Bilaspur, Political

रायपुर में एंटी-रेबीज वैक्सीन की भारी कमी: डॉग बाइट मरीजों को नहीं मिल रहा पूरा इलाज

रायपुर में आवारा कुत्तों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग रोजाना डॉग बाइट का शिकार हो रहे हैं। लेकिन दूसरी ओर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-रेबीज वैक्सीन की भारी कमी से मरीजों की परेशानी और बढ़ गई है। स्थिति यह है कि कई सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को केवल पहला डोज लगाया जा रहा है, जबकि बाद के जरूरी डोज के लिए उन्हें मना कर दिया जाता है। वजह है वैक्सीन का बेहद सीमित स्टॉक। ऐसे में लोगों को मजबूरी में निजी मेडिकल स्टोर्स से 600 से 1200 रुपए तक खर्च कर इंजेक्शन खरीदना पड़ रहा है। जांच में कई स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी डॉक्टरों ने माना कि लगातार वैक्सीन की मांग भेजी जा रही है, लेकिन पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल रही। अधिकारियों के मुताबिक डिमांड भेजने के 15 से 20 दिन बाद भी जरूरत का सिर्फ 15 से 20 प्रतिशत स्टॉक ही उपलब्ध कराया जा रहा है। डॉग बाइट के मामलों में समय पर सभी डोज लगना बेहद जरूरी होता है। लेकिन वैक्सीन की कमी के कारण मरीज अधूरा इलाज करवाने को मजबूर हैं, जिससे रेबीज संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। शहर के कई स्वास्थ्य केंद्रों में वैक्सीन की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गुढ़ियारी केंद्र में हर महीने 600 डोज की जरूरत होती है, लेकिन केवल 60 से 70 डोज उपलब्ध हैं। बीरगांव में 450 डोज की जरूरत के मुकाबले सिर्फ 100 डोज मौजूद हैं। वहीं भाठागांव, रामनगर और खोखोपारा केंद्रों में भी जरूरत की तुलना में बहुत कम वैक्सीन उपलब्ध है। रायपुर जिला स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी Dr. Sarthak Nanda ने बताया कि कुत्तों को एक इलाके से हटाकर दूसरे इलाके में छोड़ने से उनका व्यवहार आक्रामक हो सकता है। उन्होंने कहा कि कुत्तों के बधियाकरण और सही प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी है। वहीं Dr. Mithilesh Chaudhary ने कहा कि एंटी-रेबीज इंजेक्शन की मांग उच्च कार्यालय को भेज दी गई है और जिन केंद्रों में स्टॉक नहीं है, वहां जल्द सप्लाई उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

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रायपुर में फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम: 9 दिन में तीसरी बार महंगा हुआ फ्यूल, पेट्रोल 105 रुपए के पार

राजधानी रायपुर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। शनिवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि कर दी। पिछले 9 दिनों में यह तीसरी बार है जब ईंधन की कीमतों में इजाफा हुआ है। नई दरों के बाद रायपुर में पेट्रोल की कीमत करीब 105.19 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 98.29 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं सरगुजा में पेट्रोल 106.52 रुपए और डीजल 99.68 रुपए प्रति लीटर हो गया है। बिलासपुर में पेट्रोल 106.05 रुपए और डीजल 99.16 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से सब्जियां, फल, राशन और दूसरे जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं। खेती में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने का खर्च भी बढ़ेगा। आने वाले दिनों में बस, ऑटो और स्कूल वाहनों के किराए में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले दाम बढ़ने और सप्लाई प्रभावित होने की अफवाहों के चलते रायपुर समेत कई शहरों के पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिली थीं। लोगों ने जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाया, जिससे कुछ जगहों पर पंप बंद होने जैसी स्थिति भी बन गई थी। हालांकि फिलहाल हालात सामान्य बताए जा रहे हैं। ईंधन की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। रायपुर कलेक्टर कार्यालय की ओर से शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। अधिक कीमत वसूली या अवैध बिक्री की शिकायत 9977222564, 9977222574, 9977222584 और 9977222594 पर की जा सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम, डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति, टैक्स, रिफाइनिंग खर्च और डीलर कमीशन के आधार पर तय होती हैं। अलग-अलग राज्यों में टैक्स दरें अलग होने की वजह से हर शहर में ईंधन के दाम भी अलग होते हैं। तेल कीमतों में ताजा बढ़ोतरी की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी मानी जा रही है। ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर के पार पहुंच गई हैं। इसी दबाव के चलते तेल कंपनियों ने कीमतों में इजाफा किया है।

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छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर: बिलासपुर में बुजुर्ग की मौत, अगले 5 दिन हीटवेव का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में गर्मी लगातार लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। मौसम विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले 5 दिनों तक हीटवेव चलने की चेतावनी जारी की है। प्रदेशभर में तापमान फिलहाल इसी स्तर पर बने रहने की संभावना जताई गई है। इस बीच बिलासपुर से एक दुखद मामला सामने आया है, जहां लू लगने से एक 75 वर्षीय बुजुर्ग की मौत की आशंका जताई जा रही है। जोंधरा गांव में बुजुर्ग का शव बाजार स्थित एक जूता दुकान के बाहर मिला। जानकारी के मुताबिक वह पिछले दो महीनों से गांव में भीख मांगकर जीवन यापन कर रहा था और पिछले कुछ दिनों से बीमार भी था। तेज गर्मी के बीच वह अक्सर बाजार इलाके में ही पड़ा रहता था। विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। इस दौरान UV रेज का स्तर एक्सट्रीम कैटेगरी में पहुंच सकता है, जिससे त्वचा और आंखों को गंभीर नुकसान होने का खतरा रहता है। मेकाहारा अस्पताल के डर्मेटोलॉजी विभाग के HOD डॉ. Mrityunjay Singh ने बताया कि तेज धूप में कुछ ही मिनटों के भीतर सनबर्न, आंखों में जलन, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सुबह 10 बजे के बाद UV रेज तेजी से बढ़ने लगती हैं। 11 से 12 बजे के बीच इसका स्तर सबसे ज्यादा रहने की संभावना है। ऐसे में जरूरी काम होने पर ही दोपहर बाद बाहर निकलने की सलाह दी गई है। प्रदेश में शुक्रवार को सबसे अधिक तापमान दुर्ग में 44.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के मुताबिक रायपुर में भी तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है और अगले दो दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा। बिलासपुर स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर लोगों से ज्यादा पानी पीने, धूप से बचने और शरीर को हाइड्रेट रखने की अपील की है। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। वहीं रायगढ़ में भी तेज गर्मी से लोग परेशान हैं। तापमान 44 डिग्री पहुंचने के कारण पंखे और कूलर भी असर नहीं दिखा रहे। हल्की बूंदाबांदी के बावजूद उमस और गर्म हवाओं से राहत नहीं मिली है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी का असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। ज्यादा तापमान से चिड़चिड़ापन, तनाव, नींद की समस्या और मूड स्विंग जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

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रायपुर की सिटी बसों की खुली पोल: सीटें फटी मिलीं, कई बसों में फर्स्ट एड बॉक्स तक नहीं

राजधानी रायपुर में चल रही सिटी बसों की खराब व्यवस्था एक बार फिर सामने आई है। रायपुर रेलवे स्टेशन और शहीद स्मारक भवन के पास किए गए औचक निरीक्षण में कई बसों में गंभीर खामियां मिलीं। जांच के दौरान बसों की सीटें फटी हुई पाई गईं, जबकि किसी भी बस में फर्स्ट एड बॉक्स मौजूद नहीं था। इसके बाद संबंधित अनुबंधित फर्म को नोटिस जारी कर जल्द सुधार के निर्देश दिए गए हैं। रायपुर जिला शहरी सार्वजनिक सर्विस सोसाइटी की टीम ने 18 मई को अलग-अलग रूटों पर चल रही बसों की जांच की। निरीक्षण में रायपुर-खरोरा, रायपुर-खैरखुंट, रायपुर-चंद्रखुरी और रायपुर-मानसोज मार्ग की बसों को शामिल किया गया। जांच में यह जरूर पाया गया कि सभी बसों में अग्निशामक यंत्र मौजूद थे, लेकिन यात्रियों की आपातकालीन जरूरतों के लिए जरूरी फर्स्ट एड बॉक्स नहीं मिले। अधिकारियों ने इसे सुरक्षा से जुड़ी गंभीर लापरवाही माना है। सोसाइटी की ओर से कहा गया कि बसों का संचालन फिटनेस टेस्ट के बाद ही किया जाता है। बसों के ब्रेक और हेडलाइट सही स्थिति में पाए गए। अतिरिक्त रोशनी के लिए दो अतिरिक्त लाइटें भी लगाई गई हैं। हालांकि निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कुछ बसों को रोकने के लिए पत्थरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे बसों की मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बसों की सीटों की मरम्मत डिपो में लगातार की जाती है और अनुबंधित कंपनी को समय-समय पर सुधार के निर्देश दिए जाते हैं।

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8 साल बाद शुरू हुआ कचना ओवरब्रिज, रात में जगमगाया ब्रिज; लोगों को ट्रैफिक जाम से मिली बड़ी राहत

राजधानी रायपुर में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार कचना रेलवे ओवरब्रिज आम लोगों के लिए खोल दिया गया। करीब 8 साल में तैयार हुए इस ओवरब्रिज का शुक्रवार रात मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने लोकार्पण किया। उद्घाटन के बाद से ही ब्रिज पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई और लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। रात के समय सामने आए ड्रोन वीडियो में ओवरब्रिज की चमचमाती लाइटें और लगातार गुजरती गाड़ियां आकर्षण का केंद्र बनीं। उद्घाटन कार्यक्रम में आतिशबाजी भी की गई, हालांकि कार्यक्रम तय समय शाम 6 बजे की बजाय रात करीब साढ़े 9 बजे शुरू हुआ। अब तक खम्हारडीह-कचना रेलवे फाटक पर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। रेलवे ट्रैफिक बढ़ने की वजह से हर 15 मिनट में फाटक बंद हो जाता था, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों, ऑफिस कर्मचारियों और आम लोगों को लंबे जाम में फंसना पड़ता था। बारिश और तेज गर्मी में लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता था। रेलवे के अनुसार इस रूट से हर दिन करीब 120 यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं। ऐसे में ओवरब्रिज शुरू होने से करीब 3 लाख लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। करीब 48.78 करोड़ रुपए की लागत से बने इस ओवरब्रिज की लंबाई 871 मीटर और चौड़ाई 12 मीटर है। यह टू-लेन ब्रिज खम्हारडीह स्थित सीएससीबी कार्यालय के पास से शुरू होकर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी तक जुड़ता है। इसके साथ ही शंकर नगर-खम्हारडीह-कचना सड़क चौड़ीकरण का काम भी लगभग 22.78 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज बनने से शहर की सबसे बड़ी ट्रैफिक समस्याओं में से एक खत्म हो गई है। लोगों को अब रेलवे फाटक पर रुककर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और आवागमन पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।

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