
अयोध्या के महंत ने भूपेश को बताया रावण (photo source- Patrika)
Bhupesh Baghel Controversy: कथावाचकों पर विवादित कमेंट्स का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार को भिलाई में हुई हनुमान कथा में शामिल हुए अयोध्या के हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने भूपेश बघेल को रावण कहा। भूपेश के इस दावे पर कि वह संतों के परिवार से हैं, महंत ने कहा, "भूपेश बघेल दावा करते हैं कि उनके परिवार में पांच संत थे। लेकिन रावण किसके बेटे थे? वह भी एक संत के बेटे थे। भूपेश असल में रावण का ही दूसरा अवतार हैं।"
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर अयोध्या के महंत ने तीखा हमला बोला है। महंत ने भूपेश बघेल के बारे में कहा कि उनकी भाषा, भाव और कार्यशैली सनातन संस्कृति के विरुद्ध है। महंत का कहना है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री से इस तरह की ओछी और मर्यादाहीन टिप्पणी की अपेक्षा नहीं की जा सकती, विशेषकर तब जब वे स्वयं महात्मा गांधी की विचारधारा का दावा करने वाली पार्टी से आते हों। अपने बयान में महंत ने रावण का उदाहरण देते हुए कहा कि रावण एक ब्राह्मण और विद्वान था, भगवान शिव का उपासक था, लेकिन उसके कर्म सनातन संस्कृति के विनाश की ओर थे।
महंत ने कहा कि संतों और धार्मिक कथावाचकों पर टिप्पणी करना न केवल साधु-संतों का अपमान है, बल्कि यह लाखों सनातनियों की आस्था पर सीधा कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि बाबा बागेश्वर धाम और पं. प्रदीप मिश्रा जैसे संतों को बीजेपी का एजेंट बताना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। संतों का कार्य किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि समाज के पीड़ित, दुखी और परेशान लोगों के कल्याण के लिए होता है। महंत ने सवाल उठाया कि क्या किसी के जीवन के कष्ट दूर करना किसी राजनीतिक पार्टी का काम है?
Bhupesh Baghel Controversy: महंत ने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधी ने रामराज्य की परिकल्पना की थी। अगर कांग्रेस पार्टी वास्तव में गांधी के विचारों को मानती है, तो फिर सनातन परंपरा और संतों के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी कैसे उचित ठहराई जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस आज जिन विचारों के कारण समाप्ति की ओर बढ़ रही है, उनमें ऐसे ही बयान प्रमुख कारण हैं।
Updated on:
29 Dec 2025 02:21 pm
Published on:
29 Dec 2025 02:20 pm
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छत्तीसगढ़ की सियायत पर ईयर एंडर स्टोरी ( Photo प्रतीकात्मक )
Year Ender 2025: जनवरी 2000 को अस्तित्व में आए छत्तीसगढ़ के लिए वर्ष 2025 अब तक का सबसे अहम साल रहा। छत्तीसगढ़ ने अपनी रजत जयंती वर्ष मनाया है। देश के सर्वोच्च संविधानिक पद पर बैठीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का छत्तीसगढ़ को सानिध्य मिला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए विधानसभा भवन का लोकार्पण कर एक नया इतिहास रचा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प साकार होते नजर आया। प्रशासनिक लिहाज से भी 2025 महत्वपूर्ण रहा।
5 अक्टूबर नवरात्रि में मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर के सीएम हाउस में पूजा-अर्चना कर गृह प्रवेश किया। इसके अलावा डिप्टी सीएम अरुण साव, मंत्री रामविचार नेताम सहित अन्य मंत्रियों ने भी नवा रायपुर में शिफ्ट हुए। नवा रायपुर के नए विधानसभा भवन में शीतकालीन सत्र भी हुआ।
वन नेशन वन इलेक्शन की तर्ज पर छत्तीसगढ़ ने पहली बार नगरीय निकाय और त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव एक साथ कराने की शुरुआत की। दिसम्बर में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव के मतदान फरवरी में हुए।
20 अगस्त को साय सरकार ने पहली बार मंत्रिमंडल का विस्तार किया। इस विस्तार ने सभी को चौका दिया। दरअसल, गजेन्द्र यादव, राजेश अग्रवाल और गुरु खुशवंत साहेब मंत्री बने। ये सभी पहली बार के विधायक है। इसके अलावा कई दिग्गज नेताओं को दरकिनार कर कई तरह के संदेश देने का काम हुआ।
1 नवम्बर को छत्तीसगढ़ ने अपना 25वां रजत जयंती महोत्सव मनाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसका आगाज किया। इस दौरान सीएम ने सत्य साईं हस्पिटल के बच्चों से बात की। ब्रह्माकुमारी के नए शांति शिखर के साथ विधानसभा के नए भवन का उद्घाटन किया। आदिवासी संग्रहालय का भी लोकार्पण किया।
30 सितम्बर को मुख्य सचिव अमिताभ जैन रिटायर्ड हुए। उन्होंने 1 दिसंबर 2020 से 30 सितंबर 2025 तक मुख्य सचिव का दायित्व संभाला। नए मुख्य सचिव के रूप में विकासशील की नियुक्ति की गई।
28 से 30 नवम्बर तक छत्तीसगढ़ में पहली बार नवा रायपुर भारतीय प्रबंधन संस्थान में डीजीपी कॉन्फ्रेस हुई। इसमें देश की सुरक्षा के लिए नीति पर चर्चा हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री के रूप में नरेन्द्र मोदी ने सबसे ज्यादा समय छत्तीसगढ़ में बिताया।
18 फरवरी को प्रदेश में नया दुकान-स्थापना अधिनियम लागू होगा। 24 घंटे सप्ताह के सातों दिन दुकान खुले रखने की मिली छूट।
Updated on:
29 Dec 2025 01:54 pm
Published on:
29 Dec 2025 01:48 pm
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CG News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में निरंतर लिए जा रहे फैसलों का सकारात्मक असर अब गांव–गांव तक दिखाई देने लगा है। सौर सुजला योजना मुख्यमंत्री की ऐसी ही एक दूरदर्शी सौगात है, जिसने जशपुर जिले के किसानों की खेती और किस्मत—दोनों बदलने का काम किया है।
दो वर्षो में जिले के 755 किसानों को मिली बड़ी राहत
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में सौर सुजला योजना के तहत 755 किसानों को सोलर सिंचाई पंप की स्वीकृति मिली है। यह सौगात उन किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है, जो अब तक बारिश और पारंपरिक साधनों पर निर्भर थे। सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों ने सिंचाई को आसान, सुलभ और किफायती बना दिया है।
बगीचा के बंधु यादव की सौर सुजला योजना से बदली तकदीर, मुख्यमंत्री का जताया आभार
जशपुर जिले के बगीचा तहसील क्षेत्र निवासी बंधु यादव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस सौगात से लाभान्वित किसानों में शामिल हैं। सोलर पंप मिलने के बाद अब वे समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं। इससे फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई है और उत्पादन भी बढ़ा है।बंधु यादव कहते हैं कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह योजना उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आई है।
इसी तरह फरसाबहार तहसील के खुटशेरा निवासी दुलार साय भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। सोलर पंप लगने से उन्होंने खेती का दायरा बढ़ाया है और अतिरिक्त फसलों की खेती शुरू की है। इससे उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
कम लागत, अधिक उत्पादन — किसानों को मिला आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सोच के अनुरूप सौर सुजला योजना ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन का रास्ता दिखाया है। डीज़ल और बिजली पर होने वाला खर्च कम हुआ है, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। यह योजना खेती को आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
दो साल में दिखा सुशासन का असर
बीते दो वर्षों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में किसानों को केंद्र में रखकर कई योजनाएं धरातल पर उतरी हैं। सौर सुजला योजना उनमें से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसने जशपुर जिले के सैकड़ों किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह सौगात आज जशपुर के किसानों के चेहरे पर मुस्कान और खेतों में हरियाली का प्रतीक बन चुकी है।
Published on:
29 Dec 2025 01:22 pm
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31 अफसरों के बैंक खाते सीज (photo source- Patrika)
Bank Accounts Seized: एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने शराब घोटाले के मामले में 29,800 पेज की चार्जशीट फाइल की है, जिसमें एक्साइज डिपार्टमेंट के उस समय के डिप्टी कमिश्नर आशीष श्रीवास्तव का नाम भी शामिल है। उनका नाम EOW की चार्जशीट में शामिल नहीं था।
हालांकि, आशीष श्रीवास्तव को लेकर अफवाहें अब तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि सेक्रेटरी-कम-कमिश्नर आर. संगीता के 3 जनवरी को छुट्टी से लौटने के बाद एक्शन लिया जाएगा। इसके अलावा, मामले में आरोपी 31 अधिकारियों के अकाउंट फ्रीज कर दिए गए हैं। कुल 38.21 करोड़ रुपए की संपत्ति सीज की गई है। एक्शन में उन अधिकारियों के अकाउंट भी शामिल हैं जिनकी पत्नियों के अकाउंट में संदिग्ध ट्रांजैक्शन पाए गए हैं।
ध्यान दें कि EOW चार्जशीट में 29 अधिकारियों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से 22 को 7 जुलाई, 2025 को सस्पेंड कर दिया गया था। बाकी सात रिटायर हो चुके हैं। कमिश्नर निरंजन दास को भी हाल ही में गिरफ्तार किया गया था। हैंडी की जांच में पाया गया कि शराब घोटाले में अधिकारियों के बीच लगभग 90 करोड़ रुपए (लगभग $1.8 बिलियन) बांटे गए थे, जिसमें पूर्व कमिश्नर निरंजन दास को दी गई 18 करोड़ रुपए (लगभग $1.8 बिलियन) की रिश्वत भी शामिल थी।
Bank Accounts Seized: इकबाल खान को 2 करोड़ रुपए से ज़्यादा की रिश्वत दी गई, नोहर सिंह ठाकुर को 11 करोड़ रुपए, नवीन प्रताप सिंह तोमर को 6.7 करोड़ रुपए, राजेश जायसवाल को 5.79 करोड़ रुपए, अनिमेष नेताम को 5.28 करोड़ रुपए, और दिनकर वासनिक, गंभीर सिंह, अरविंद पटले, आशीष कोसम, अनंत सिंह, सौरभ बख्शी, प्रकाश पाल, गरीबपाल सिंह और मोहित जायसवाल को 2 करोड़ रुपए दिए गए। ED को आशीष श्रीवास्तव को 5.4 मिलियन दिए जाने के भी सबूत मिले हैं।
Published on:
29 Dec 2025 01:11 pm
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